जर्जर किचन शेडों में बन रहा मध्याह्न भोजन, हो सकता है हादसा

जर्जर किचन शेडों में बन रहा मध्याह्न भोजन, हो सकता है हादसा
Mid-day meal being made in shabby kitchen sheds

sachendra tiwari | Updated: 22 Aug 2019, 09:15:00 AM (IST) Sagar, Sagar, Madhya Pradesh, India

ब्लॉक के अधिकांश स्कूलों में है यह स्थिति

बीना. शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल में बनाए गए किचन शेड जर्जर हो चुके हैं। इसके बाद भी इनकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। जर्जर शेडों में मध्यान्ह भोजन बनाने वाले समूह की महिलाओं को खतरा बना रहता है।
स्कूलों में किचन शेड का निर्माण पंचायतों द्वारा कराया गया था, लेकिन निर्माण के समय किए गए घटिया निर्माण के कारण कुछ दिनों में ही शेड जर्जर होने लगे थे और अब यह स्थिति हो गई है कि वह उपयोग लायक भी नहीं बचे हैं। कई समूहों द्वारा मध्याह्न भोजन घर से ही तैयार किया जाने लगा है। प्राथमिक स्कूल कलरावनी में बने किचन शेड में बड़ी दरार आ गई है और यह कभी भी गिर सकता है, लेकिन इसकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। शेड जर्जर होने से यहां जहरीले कीड़े निकलते हैं। इसके बाद भी समूह द्वारा मजबूरी में इसी शेड में खाना तैयार किया जा रहा है। कलरावनी के साथ-साथ पंधव, खजुरिया सहित पचास स्कूलों के शेड जर्जर हो चुके हैं।
मरम्मत के लिए कर चुके हैं शिक्षक मांग
शिक्षकों द्वारा किचन शेड की मरम्मत के लिए कई बार अधिकारियों को पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। क्योंकि इन किचन शेडों में हादसों का डर बना हुआ है।
अतिरिक्त कक्षों में बन रहा खाना
जिन स्कूलों में किचिन शेड ज्यादा जर्जर हो चुके हैं। वहां अतिरिक्त कक्षों में मध्याह्न भोजन तैयार किया जा रहा है, जिससे अतिरिक्त कक्षा खराब हो रहे हैं। चूल्हे जलने से दीवारें काली पडऩे लगी हैं।
बारह हैं गिराने योग्य शेड
ब्लॉक में 12 किचन शेड गिराने की स्थिति पहुंच गए हैं। साथ ही 15 मरम्मत के स्थिति में हैं। करीब 25 स्कूल ऐसे हैं जहां किचन शेड नहीं बने हैं। यह तो कागजी आंकड़े हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है।
भेज दी जानकारी
जर्जर किचन शेडों के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी भेज दी गई है। साथ ही जो शेड गिराने लायक हैं उन्हें गिराकर बनवाने का प्रस्ताव जनपद पंचायत के लिए भेजा है।
डीसी चौधरी, बीआरसीसी, बीना

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