सागर. कोरोना वायरस से बचाव को लेकर गुरुवार को जिला अस्पताल में मॉकड्रिल आयोजित की गई। इसके जरिए यह बताया गया कि यदि कोई संदिग्ध मरीज सामने आता है तो उसे किस तरह से हैंडिल किया जाएगा। इस दौरान एक रिहर्सल भी हुई। ओपीडी में इएनटी के डॉक्टर बैठे हुए थे। इस दौरान मरीजों का चेकअप शुरू हुआ। सामान्य मरीजों के बीच एक संदिग्ध करोनो वायरस से पीडि़त मरीज मिला। उसकी पहचान लक्षणों के आधार पर की गई। इसके बाद थ्रोट स्वाव के सैंपल जांच के लिए एकत्र किए गए। इस दौरान क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए। उसे बताया गया। फिर मरीज को आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया। इस दौरान मरीज के साथ मौजूद स्टाफ मास्क पहने हुए था। इस मॉकड्रिल में भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुरूप प्रक्रिया अपनाई गई। साथ ही डॉक्टरों को इसी प्रक्रिया के तहत संदिग्ध मरीज का इलाज करने के निर्देश दिए गए। मॉकड्रिल में सीएमएचओ डॉ. एमएस सागर, सिविल सर्जन डॉ. वीएस तोमर, मेडिसिन विभाग के डॉ. अभिताभ जैन, डीपीएम कपिल पाराषर, इएनटी विभाग के डाक्टर्स व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित था। डॉ. सागर ने बताया कि कोरोनो वायरस के बचाव के लिए जिला चिकित्सालय में कलेक्टर प्रीति मैथिल नायक के निर्देष पर 2 पलंग का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। डाक्टरों को निर्देष दिए गए है कि आपातकालीन स्थिति में अवकाश के दिनों में भी उपस्थित रहकर सेवाएं देंगे।

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