पौने दो से ज्यादा ट्रेनें, बीस हजार से ज्यादा यात्री कर रहे सफर, फिर भी एक ही एफओबी के सहारे यात्री, पढ़ें खबर

पौने दो से ज्यादा ट्रेनें, बीस हजार से ज्यादा यात्री कर रहे सफर, फिर भी एक ही एफओबी के सहारे यात्री, पढ़ें खबर
More than two and a half trains, more than twenty thousand passengers are traveling, yet passengers with the help of the same FOB

Anuj Hazari | Publish: Sep, 21 2019 09:00:00 AM (IST) Sagar, Sagar, Madhya Pradesh, India

कई छोटी स्टेशनों पर हैं दो एफओबी, जंक्शन को किया जा रहा नजर अंदाज

बीना. रेलवे अधिकारियों की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है, क्योंकि इनके द्वारा लिए जाने वाले निर्णय कई बार चौकाने वाले रहते हैं। कुछ इसी प्रकार का मामला बीना जंक्शन से जुड़ा है, जहां पर करीब पौने दो सौ से ज्यादा ट्रेनों का स्टॉपेज है और प्रतिदिन जंक्शन से करीब बीस हजार से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। इन यात्रियों को ट्रेन से उतरने के बाद बाहर जाने के लिए कई मीटर दूर तक पैदल चलना पड़ता है इसके बाद वह एफओबी तक पहुंचते हैं। दरअसल बीना स्टेशन प्रदेश के बड़े जंक्शन में से एक है फिर भी यहां पर केवल एक ही एफओबी है जो जर्जर हालत में भी है, वहीं दूसरा एफओबी न तो बनाया गया है न ही पुराने एफओबी को सही किया गया है। जिसके कारण यहां से निकलने वाले यात्रियों को हमेशा ही डर लगा रहता है, बीना स्टेशन की हमेशा ही उपेक्षा की जाती ही रही है।
छोटी स्टेशनों पर हैं दो एफओबी
जिन स्टेशनों पर कुल 25 से 30 ट्रेनों का स्टॉपेज है वहां पर दो एफओबी है, जिनमें गुलाबगंज, ललितपुर, सागर सहित अन्य स्टेशन शामिल हैं। वहीं बीना स्टेशन पर पौने दो से ज्यादा ट्रेनों का स्टॉपेज होने के बाद भी यह सुविधा नहीं है। स्टेशन पर करीब दो वर्ष पहले तक दो एफओबी थे, जिसमें से एक सैकड़ों वर्ष पुराना लाल पुल भी शामिल था। इस पुलिस से यात्री ट्रेन से उतरने के बाद बाहर चले जाते थे, लेकिन उसके टूटने के बाद लोगों को एक ही एफओबी के सहारे स्टेशन के बाहर जाना पड़ता है।
24-26 कोच वाली ट्रेन होने पर होती है ज्यादा परेशानी
चार व पांच नंबर प्लेटफॉर्म पर आने वाली 24 से 26 कोच की एक्सप्रेस, सुपरफास्ट ट्रेनों से जो यात्री सफर करते हैं, यदि वह ट्रेन के आगे व पीछे की ओर बैठे हैं तो उन्हें बाहर तक पहुंचने में करीब पांच सौ मीटर से ज्यादा का सफर करना पड़ता है, जिसमें सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बुजुर्ग व मरीजों के लिए होती है। न ही पुराने एफओबी का मेंटेनेंस किया जा रहा है न ही दूसरे एंड पर एफओबी के नए निर्माण की कोई कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
न ही एक्सीलेटर न ही लिफ्ट
तीन नंबर प्लेटफॉर्म को छोड़कर चार व पांच नंबर प्लेटफॉर्म पर गुना, झांसी की ओर जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें आती हैं, लेकिन यहां पर न तो एक्सीलेटर लगा है न ही लिफ्ट जिससे रैंप से पैदल ही बाहर जाना पड़ता है।
दूसरा एफओबी है प्रस्तावित
जंक्शन पर दूसरा एफओबी प्रस्तावित है, जिसका कार्य जल्द ही शुरू होने वाला है।
आइए सिद्दीकी, पीआरओ, भोपाल

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