अब भावांतर भुगतान योजना के तहत इस तारीख से होगी प्याज खरीदी, किसानों का इंतजार होगा खत्म

किसान बेच चुके सरकार आज से

By: govind agnihotri

Published: 16 May 2018, 01:39 PM IST

सागर. मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के तहत प्याज बेचने वाले किसानों का इंतजार आखिरकार साढ़े तीन माह बाद समाप्त होगा। जिले सहित पूरे प्रदेश में बुधवार से प्याज की खरीदी शुरू होगी, लेकिन अब यह तय है कि योजना का लाभ लेने के लिए सरकार को किसान नहीं मिलेंगे, क्योंकि ज्यादातर किसान पहले ही उपज मंडी में व्यापारियों को बेच चुके हैं। दरअसल, जिले में प्याज की आवक फरवरी के पहले सप्ताह से ही शुरू हो गई थी और अब मंडी में न के बराबर ही आवक रह गई है।


बीते साल मंदसौर में प्याज के अच्छे दाम न मिलने के कारण किसानों द्वारा किए गए उपद्रव के बाद सरकार ने प्रदेशभर में समर्थन मूल्य पर प्याज की खरीदी शुरू की थी। जिसमें जमकर फर्जीवाड़ा हुआ था। जिले में भी इसकी पुष्टि हुई थी कि समर्थन मूल्य पर खरीदी गई प्याज किसानों से ज्यादा व्यापारियों से सांठगांठ कर खरीदी गई है। इस बार वही प्याज भावांतर योजना के तहत खरीदी जाएगी, लेकिन अब भी व्यवस्थाएं कमजोर हैं। ऐसे में इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि बीते साल जैसे हाल वर्तमान में भी होंगे।
ऐसे लगाया जा सकता है योजना को बट्टा
भावांतर योजना के तहत जिले के २३९९ किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि अभी तक बीते साढ़े तीन माह में ८० फीसदी उपज मंडियों की खुली नीलामी में किसान बेच चुके हैं। अब जिन पंजीकृत किसानों ने योजना शुरू होने के पहले ही अपनी उपज बेच दी है, वह सांठगांठ कर योजना में किसी दूसरे की या व्यापारियों की प्याज बेच सकता है।


इधर, संभाग में ५४ लाख क्विंटल गेहूं की खरीदी
सागर. संभाग में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं की खरीदी का आंकड़ा ५४ लाख क्विंटल के पार पहुंच गया है, जबकि अभी पंजीकृत किसानों में से एक लाख सात हजार किसानों ने ही उपज बेची है। खरीदी के इस आंकड़े को देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार गेहूं खरीदी का आंकड़ा एक करोड़ क्विंटल को छू सकता है। क्योंकि अभी भी संभाग के पंजीकृत १.९५ लाख किसानों में से ९० हजार के करीब किसानों से खरीदी होना बाकी है।

 

संभागीय खाद्य आपूर्ति नियंत्रक ने बताया कि अब तक संभाग के ४०६ खरीदी केंद्रों पर 1 लाख 7 हजार 795 किसानों से ५४ लाख ४६ हजार २४७ क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। वहीं समर्थन मूल्य पर चल रही चना, मसूर व सरसों की खरीदी भी संभाग में दस लाख क्विंटल के करीब पहुंच गई है। जिसमें सबसे ज्यादा ७.५ लाख क्विंटल चना, १.५ लाख क्विंटल मसूर व सबसे कम २० हजार क्विंटल के करीब सरसों की खरीदी अब तक हो चुकी है।

 

- यह है संभाग की स्थिति
सागर जिले के 126 खरीदी केन्द्रों पर 35778 किसानों से 23 लाख 39 हजार 692 क्विंटल।


छतरपुर जिले के 79 खरीदी केन्द्रों में 25710 किसानों से 12 लाख 25 हजार 296 क्विंटल।


दमोह जिले के 71 खरीदी केन्द्रों में 15181 किसानों से 8 लाख 82 हजार 64 क्विंटल।


टीकमगढ़ जिले के 90 खरीदी केन्द्रों में 20044 किसानों से 5 लाख 49 हजार 358 क्विंटल।


पन्ना के 41 खरीदी केन्द्रों में 11082 किसानों से 4 लाख 49 हजार 835 क्विंटल।

 

- चना-मसूर व सरसों मिलाकर ९ लाख क्विंटल खरीदी


गेहूं तो रिकार्ड तोड़ ही रहा है यहां इसके अलावा चना, मसूर के परिवहन में बरती जा रही अनियमितताओं में भी सुधार आया है और वर्तमान में करीब ७० प्रतिशत खरीदे अनाज का परिवहन हो चुका है।

 

govind agnihotri Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned