scriptलापरवाही:29 किलोमीटर तक दहशत में की यात्रा, फिर जागे अधिकारी और की ट्रेन की जांच | Patrika News
सागर

लापरवाही:29 किलोमीटर तक दहशत में की यात्रा, फिर जागे अधिकारी और की ट्रेन की जांच

विंध्याचल एक्सप्रेस के कोच से निकला था धुआं, ट्रेन में मची अफरा तफरी और चैन पुलिंग कर कूदे यात्री, आईं चोटें

सागरJun 16, 2024 / 12:40 pm

sachendra tiwari

Negligence: Passengers remained in panic for 29 kilometers

धुआं निकलने के बाद दहशत में रहे एस—4 कोच यात्री

बीना. शनिवार की रात करीब 9.45 बजे कुरवाई कैथोरा स्टेशन के पास भोपाल की ओर से आ रही विंध्याचल एक्सप्रेस के ब्रेक ब्लॉक में घर्षण के कारण अचानक धुआं निकलने लगा और इसके बाद यात्रियों ने चैन खींचकर ट्रेन को रोका। ट्रेन रुकते ही एक कोच के यात्री ट्रेन से कूद गए, इसमें कुछ यात्रियों के लिए चोटें भी आईं हैं। इस दौरान रेलवे की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां कुरवाई कैथोरा से खुरई के बीच 29 किलोमीटर के सफर में ट्रेन की गंभीरता से जांच किए बिना चलाया गया।
जानकारी के अनुसार ट्रेन नंबर 11272 भोपाल-इटारसी विंध्याचल एक्सप्रेस शनिवार की शाम भोपाल से बीना की ओर आ रही थी, तभी रात करीब 9.45 बजे कुरवाई-कैथोरा और बीना स्टेशन के बीच ब्रेक ब्लॉक में घर्षण होने के कारण एस-4 कोच के नीचे से अचानक धुआं उठने के कारण ट्रेन में अफरा तफरी मच गई। इस दौरान सभी यात्रियों ने एक साथ चैन को खींचकर रोका और यात्री ट्रेन से नीचे कूद गए। भोपाल से कटनी जा रहे दीपांशु ठाकुर ने बताया की कुरवाई-कैथोरा बीना के बीच में एस-4 कोच के पहिए के पास अचानक आग की चिंगारी के साथ धुआं उठने लगा, कोच के अन्य यात्रियों के साथ तुरंत चैन को खींचकर ट्रेन को रोका और ट्रेन की जांच किए बगैर 5 मिनट बाद ट्रेन को बीना की ओर रवाना कर दिया गया। इतना ही नहीं बीना स्टेशन पर भी केवल दो कर्मचारियों ने सामान्य रूप से टॉर्च से जांच कर ट्रेन को अगली स्टेशन के लिए रवाना कर दिया। रात 10 बजकर 38 मिनट पर जब ट्रेन खुरई रेलवे स्टेशन पहुंची, तो यहां पर सीएंडडबल्यू स्टाफ के कर्मचारियों ने जांच की और कुछ सुधार कार्य करके ट्रेन को रात 11 बजकर 11 मिनट पर सागर की ओर रवाना कर दिया गया। इसी कोच में यात्रा कर रही शारदा देवी ने बताया कि ट्रेन में धुआं होने के कारण चैन पुलिंग करके ट्रेन को रोका गया था, इसके बाद सभी लोगों ने डर के कारण ट्रेन से कूद कर अपने आप को बचाया, लेकिन गिरने के कारण कई लोगों को चोटें भी आईं हैं, इसमें कुछ बच्चे भी शामिल हैं और वह भी घायल हो गईं।
डर के बीच यात्रियों ने किया सफर

इस दौरान रेलवे की सबसे बड़ी लापरवाही देखने को मिली, जहां अन्य जगहों पर इस प्रकार की घटना होने पर उसे गंभीरता से लिया जाता है। जबकि बीना जंक्शन पर पर्याप्त स्टाफ और सुधार कार्य के लिए व्यवस्था है, लेकिन यहां पर ऐसा नहीं किया गया। कुरवाई कैथोरा से लेकर खुरई के बीच करीब 29 किलोमीटर के सफर में यात्री दहशत में यात्रा करते रहे।
सीआइएफ कोच में रहता है ब्रेक ब्लॉक

विंध्याचल एक्सप्रेस सीआइएफ कोच के साथ चलाई जाती है, जिसमें ब्रेक ब्लॉक की सुविधा रहती है, ब्रेक ब्लॉक में घर्षण होने से आग लगने के बाद धुआं निकलने जैसी घटनाएं होती हैं। जबकि एलएचबी कोच में नई तकनीक के होने से इस प्रकार की घटनाएं नहीं हो पाती हैं।
अधिकारियों ने नहीं उठाए फोन

इस संबंध में पश्चिम मध्य रेलवे सीपीआरओ हर्षित श्रीवास्तव से संपर्क करना चाहा, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया, वहीं भोपाल मंडल के प्रभारी पीआरओ धर्मेंद्र सिंह से भी संपर्क करना चाहा, लेकिन उन्होंने भी फोन रिसीव नहीं किया।

Hindi News/ Sagar / लापरवाही:29 किलोमीटर तक दहशत में की यात्रा, फिर जागे अधिकारी और की ट्रेन की जांच

ट्रेंडिंग वीडियो