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जंक्शन पर कोरोना तीसरी लहर को लेकर नहीं अलर्ट, लापरवाही पड़ सकती भारी

तीसरी लहर और ओमीक्रॉन को लेकर जंक्शन व ट्रेनों के अंदर कोई सतर्क नहीं

सागर

Updated: December 26, 2021 07:55:17 pm

बीना. कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सरकार के निर्देश पर प्रशासन, शहर में भले ही अलर्ट मोड पर आ गया हो, लेकिन रेलवे स्टेशन या ट्रेनों के अंदर कोई अलर्ट नहीं दिख रहा है। यहां यात्री न ही मास्क पहन रहे हैं, न ही फिजिकल डिस्टेंस का पालन कर रहे हैं। रेलवे प्लेटफार्म पर एनाउंसमेंट के जरिए जागरूकता अभियान भी ठप पड़ा है। प्रवेश द्वार पर जांच, मास्क लगाने रोको टोको अभियान आदि सब बंद हैं। ऐसे में रेलवे के स्थानीय प्रबंधन की लापरवाही से फिर से कभी भी शहर में कोरोना की तीसरी लहर का बम फट सकता है। जंक्शन पर रोज 24 घंटे में लगभग 160 से ज्यादा ट्रेनें आती हंै, जो कि ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल और नागपुर से होकर आती है। इन ट्रेनों में लगभग प्रतिदिन 24 घंटें में पांच हजार यात्री आते हैं। पहली और कोरोना की दूसरी लहर रेल प्रबंधन की ढिलाई से शहर में आ गई थी। इस दौरान कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या व प्रशासन की सख्ती के बाद रेलवे ने स्टेशन के टिकट बुकिंग कार्यालय से एक एंट्री रखी थी, जहां स्वास्थ्य अमला मरीजों की थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद यात्रा या शहर में आने की अनुमति देता था।
प्रवेश द्वार से कर्मचारी नदारद
कोरोना के समय स्टेशन पर एंट्री और निकासी पाइंट एक ही रखी गई थी, लेकिन अब निकासी के अलावा भी नए एफओबी से एंट्री शुरू कर दी हैं। इससे यात्री एंट्री बुङ्क्षकग ऑफिस के साथ नए एफओबी से सीधे बाहर शहर में जा रहे हैं। ऐसे में महाराष्ट्र से आ रहे यात्रियों से खतरा हो सकता है। वहीं दूसरी ओर एंट्री पाइंट पर टीसी, पुलिस जवान व स्वास्थ्य विभाग की टीम बैठती थी, जो पिछले तीन महीनों से नदारद हैं। पत्रिका टीम को रविवार को एक यात्री ने तस्वीर मुहैया कराई, जिसमें लोग बिना मास्क पहने आवाजाही कर रहे हैं। यही हाल प्लेटफॉर्म और ट्रेनों के अंदर का भी है। ऐसी लापरवाही के बीच फिर कभी भी कोरोना बम फट सकता है।
यात्रियों को खुद होना पड़ेगा जागरूक
पमरे जनसंपर्क विभाग भोपाल मंडल के प्रवक्ता के अनुसार रेलवे ने कोरोना गाइडलाइंस को खत्म नहीं किया है। यात्रियों और रेलवे स्टाफ को इनका पालन करना अनिवार्य है। स्टेशनों पर भी उद्घोषणा जारी है, वरिष्ठ अधिकारियों से दिशा-निर्देश मिलने पर ही स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल स्टेशन पर आवाजाही करने वाले यात्रियों में जागरूकता की जरूरत है। वह स्वयं कोरोना गाइडलाइंस का पालन कर अपनी और दूसरों को भी सुरक्षा करें।
प्लेटफॉर्म पर दिख रही यह लापरवाही
- बुकिंग काउंटर के प्रवेश द्वार पर बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच नहीं हो रही है।
- बेखौफ यात्री बिना मास्क पहने आवाजाही कर रहे हैं।
- प्रवेश द्वार पर रेलवे जवान की ड्यूटी नहीं।
- कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते प्लेटफार्म पर माइक से जागरूकता संबंधी घोषणा और मास्क पहनने की अपील का प्रचार बंद
- ट्रेनों के अंदर वेंडर और प्लेटफॉर्म पर कार्यरत अधिकांश सफाईकर्मी मास्क नहीं पहन रहे हैं।
- रेल कर्मचारी और यात्री खुद कोरोना गाइडलाइंस का पालन नहीं कर रहे हैं, इनको कोई रोकने-टोकने वाला नहीं है।
- स्टेशन पर न तो आरटीपीसीआर टेस्ट या थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था खत्म कर दी गई, जोकि कोरोना की पहली और दूसरी लहर में थी।

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