धारदार हथियार से कम नहीं डिवाइडर की टूटी ग्रिल, चपेट में आए तो बचना मुश्किल

धारदार हथियार से कम नहीं डिवाइडर की टूटी ग्रिल, चपेट में आए तो बचना मुश्किल

By: manish Dubesy

Updated: 06 Jan 2020, 03:47 PM IST

यहां से गुजरें तो रहें सावधान: धारदार हथियार से कम नहीं डिवाइडर की टूटी ग्रिल, चपेट में आए तो बचना मुश्किल
जीरो माइल्स से मकरोनिया मार्ग का मामला
अधूरे निर्माण के कारण आए दिन हो रहे हादसे
बहेरिया मार्ग का काम भी अधूरा, दोनों की साल भर पहले पूरी हो चुकी मियाद
सागर. जीरो माइल्स से मकरोनिया मार्ग का काम पूर्ण होते नजर नहीं आ रहा है। सडक़ निर्माण का काम शुरू हुए तीन साल होने को हैं, लेकिन इसके बाद भी सडक़ सहित अन्य सभी काम अधूरे पड़े हैं। यह सडक़ अब लोगों की जान को खतरा बनने लगी है। आर्मी स्कूल से हॉक कैंटीन गेट के बीच तो स्थिति यह है कि सडक़ की ऊंचाई बढऩे से डिवाइडर गायब हो चुका है और उसके ऊपर लगी लोहे की ग्रिल टूटने के बाद धारदार हथियार से कम नजर नहीं आ रही है। बिना डिवाइडर की इस सडक़ पर ग्रिल के एंगल एेसे लगे हैं। यदि कोई वाहन चालक कभी इस टूटी ग्रिल की चपेट में आ गया तो उसका बचना मुश्किल है। इतना ही नहीं सडक़ पर हॉक कैंटीन से आगे निकलो तो सडक़ के बीचों-बीच तोड़े गए डिवाइडर से निकला मलवा दो सप्ताह से सडक़ पर ही पड़ा है। एेसा नहीं है कि यह अनियमितताएं अधिकारियों की नजर में नहीं हैं। इसके बाद सोचने वाली बात यह है कि अधूरी और बिना संकेतक की सडक़ पर आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। इसके बाद भी मॉनिटरिंग कर रहे पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के अधिकारी इसकी अनदेखी कर रहे हैं।
संकेतक न होने से हो रहे हादसे
मकरोनिया मार्ग पर कठवापुल पार करते ही डिवाइडर शुरू हो जाते हैं। लेकिन यहां अधिकांश डिवाइडर टूटे हैं और इन पर न तो संकेतक हैं और न ही लाइटिंग की कोई सुविधा है। जिसके कारण रात के अंधेरे में लोगों को यह डिवाइडर नजर नहीं आते और वाहन चालक भिड़ जाते हैं। अब कोहरे में तो स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। शायद ही एेसा कोई दिन होगा जिस दिन एक न एक वाहन चालक हादसाग्रस्त न होता हो।
यहां बहेरिया मार्ग
भी अधूरा
मकरोनिया से बहेरिया तक सडक़ चौड़ीकरण का काम भी अधूरा ही है। यहां पर सडक़ निर्माण के अलावा दोनों ओर पेवर ब्लॉक और नाली निर्माण भी किया जाना है। लेकिन स्थिति यह है कि मियाद निकलने के बाद भी अभी तक सडक़ निर्माण का काम भी पूरा नहीं हो सका है। रेलवे फाटक से बहेरिया की ओर नाली का निर्माण तो हुआ है, लेकिन फाटक से मकरोनिया चौराहे की ओर अभी तक इसकी शुरूआत नहीं हुई है।
चल रहा निर्माण भी गुणवत्ताहीन
मकरोनिया की ओर से डिवाइडर का काम शुरू हो गया है, लेकिन शंकरगढ़ के आसपास बनकर तैयार हो चुके डिवाइडर भी गुणवत्ताहीन हैं। डिवाइडर से झड़ रही गिट्टी को छिपाने के लिए ठेकेदार ने उसपर प्लास्टर कर लीपापोती करना भी शुरू कर दी है।

manish Dubesy Desk
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