अब सहकारी समितियों से होंगे भावांतर योजना के पंजीयन

एसडीएम ने दिए आदेश

By: anuj hazari

Published: 13 Mar 2018, 11:00 AM IST

बीना. सर्वर खराबी होने व किसानों की भीड़ को देखते हुए किसानों ने सहकारी समितियों द्वारा भावांतर योजना के पंजीयन कराने की मांग करते हुए शनिवार को मंडी में प्रदर्शन किया था। किसानों के प्रदर्शन के बाद अब सहकारी समितियों में ही यह पंजीयन किए जाएंगे। हड़ताल के चलते पंजीयन व्यवस्था कृषि उपज मंडी में की गई थी, जहां अव्यवस्थाएं फैली हुई थीं।
मंडी में चल रहे पंजीयन में रोजाना करीब 70-80 किसानों के ही पंजीयन हो पा रहे थे। सोमवार को पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदरसिंह ठाकुर व किसान सहकारी समिति पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। इसके कुछ देर बाद उन्होंने एसडीएम से बात की और एसडीएम ने सहकारिता बैंक मैनेजर को सोमवार से ही समितियों द्वारा पंजीयन कराने के निर्देश दिए। आदेश का पालन करते हुए बैंक मैनेजर ने तत्काल पड़रिया, सतौरिया, पिपरासर व सेमरखेड़ी समिति के ऑपरेटरों के लिए लैपटॉप में आईडी, पासवर्ड डालकर लॉग इन किया और पंजीयन शुरू कराएं। आज से समितियों में पंजीयन शुरू हो जाएंगे।
भेजा गया था एसडीएम को पत्र
सहकारिता बैंक मैनेजर संजय जैन ने बताया कि 9 मार्च को एसडीएम डीपी द्विवेदी के लिए सोसायटी से किसानों के लिए भावांतर के पंजीयन कराने के लिए अनुशंसा करने के लिए पत्र लिखा था, लेकिन भावांतर योजना में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए प्रशासन इसके पंजीयन सोसायटी से नहीं करवाना चाह रहे थे, लेकिन समस्याओं को देखते हुए पंजीयन के लिए सोसीयटियों के लिए अधिकृत किया गया है।

मंडी में बढ़ी आवक, दामों में नहीं आया उछाल
बीना. कृषि उपज मंडी में सोमवार को अच्छी आबक दर्ज हुई। यह इस सीजन की अभी तक की सबसे ज्यादा आवक है। आबक तो बढ़ गई है, लेकिन दामों में आ रही गिरावट से किसान परेशान हैं।
सोमवार को करीब चार हजार क्विंटल आवक हुई, जिसमें चना, मसूर, बटरी सहित अन्य अनाज शामिल था। मंडी में आवक बढ़ी है, लेकिन दामों में आई गिरावट के कारण किसान परेशान हैं। मंडी में चना 3 हजार से 3300 रुपए क्विंटल, मसूर 2800 से 3050 रुपए क्विंटल और बटरी 2250 से 2350 रुपए क्विंटल बिकी। यह दाम पिछले वर्षों के अपेक्षा बहुत कम हैं। अब किसानों को इंतजार भावांतर योजना का है, जिससे उन्हें कुछ राहत मिलेगी। अभी तक भावांतर योजना के तहत मंडी में खरीदी शुरू नहीं हुई है। वहीं व्यापारियों ने बताया कि दाम कम होने से उन्हें भी बहुत घाटा हो रहा है। पिछले सीजन में भी दामों में लगातार उतार चढ़ाव होने के कारण घाटा लगा था।

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