अब केवल एक क्लिक पर मिलेगी सड़क दुर्घटना की पूरी जानकारी

पुलिस ने दुर्घटना संभावित जगहों पर लगाए बोर्ड

By: anuj hazari

Published: 17 Mar 2021, 08:58 PM IST

बीना. सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए केन्द्र सरकार के सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के निर्देश पर शहर में कहां, कब और कैसे दुर्घटना हुई इसकी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस परियोजना (आइआरएडी) एप का ट्रायल शुरू हो गया है।
एप पर छोटे-छोटे सड़क हादसों की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। आइआरएडी एप में पुलिस दुर्घटना से जुड़े करीब 29 बिंदुओं का ब्यौरा दर्ज करेगी, जो एप के माध्यम से संबंधित विभाग (परिवहन विभाग, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी व एनएचएआइ) के पास चला जाएगा। इस जानकारी के आधार पर शासन की एक टीम हादसों के कारणों पर रिसर्च करेगी और संबंधित विभाग उसका समाधान कराएंगे। पुलिस दुर्घटना संभावित जगहों पर जाकर लोगों को राहगीरों को जानकारी के लिए बोर्ड भी लगवाए हैं। इसमें सबसे ज्यादा दुर्घटना वाले बेलई तिराहा, हिरनछिपा मोड़, कुरुवा-ढुरुवा गांव स्थित मोड़ पर बोर्ड लगवाएं हैं।
जानकारों के अनुसार यह हैं कमियां
जानकारों ने बताया कि बेलई तिराहा पर दुर्घटना इसलिए होती हैं क्योंकि वहां पर तीन ओर से लोगों का आना-जाना रहता है, लेकिन बेलई की ओर से आने वाले मार्ग की ऊंचाई कम है, जिससे वाहन चालक दिखाई नहीं देते हैं और वहां पर वाहन आपस में टकरा जाते हैं। वहीं कुरुआ-ढुरुवा गांव में भी अंधे मोड़ के कारण वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं, यहां पर मोड़ को खत्म करना जरूरी है। इसलिए पुलिस द्वारा यहां पर बोर्ड लगाकर लोगों को जानकारी दी जा रही है।
एप में इन बिंदुओं का देना होगा विवरण
एप के माध्यम से दुर्घटना की सूचना पर पहुंचे जांच अधिकारी को दुर्घटना का दिन, तारीख, समय, घटना के वक्त रोशनी की स्थिति, दुर्घटना में मौत हुई या घायल, हादसे से नुकसान, क्षतिग्रस्त वाहनों की संख्या, दुर्घटना का कारण, दोनों वाहन व उनके चालक की पूरी जानकारी, घटनास्थल का लैंडमार्क, वाहन की स्थिति, ओवर स्पीड-ओवर, ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता, सड़क की स्थित (खराब व इंजीनियरिंग के विषय में) की पूरी जानकारी के साथ एफआरआर नंबर, जांच अधिकारी का नाम आइआरएडी पर देना होगा। रियल टाइम में विवरण दर्ज करने के साथ ही संबंधित अधिकारी-अस्पताल को मोबाइल एप से सूचना भी भेजेगा। जिससे घायल को समय पर इलाज मिल सके। आने वाले समय में आईआरएडी एप को सीसीटीएनएस सर्वर और अस्पतालों के सर्वर से भी जोड़ दिया जाएगा।
सड़क खराब होने पर संबंधित विभाग को करना होगा समाधान
दुर्घटना के कारण सड़क या तकनीकी कारण होने पर संबंधित विभाग को उसका समाधान करना होगा। साथ ही यातायात नियमानुसार उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
बेलई तिराहे पर किया ट्रायल
शहर में आइआरएडी एप का ट्रायल शुरू हो गया है। इसके लिए बीट जांचाधिकारी के साथ थानाप्रभारी को भी प्रशिक्षण दिया गया था। जिसके बाद बेलई तिराहे पर दुर्घटना की जानकारी दर्ज की गई है। बेलई तिराहा पर सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती है, जिनपर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
कमल निगवाल, थानाप्रभारी, बीना

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