3 साल से बंद पड़े 12 में से 8 सीसीटीवी कैमरे, विवि प्रशासन नहीं दे रहा बजट

3 साल से बंद पड़े 12 में से 8 सीसीटीवी कैमरे, विवि प्रशासन नहीं दे रहा बजट

Aakash Tiwari | Publish: May, 18 2019 07:03:01 AM (IST) Sagar, Sagar, Madhya Pradesh, India

-डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विवि परिसर में 5 साल पहले सुरक्षा विभाग ने लगवाए थे 12 सीसीटीवी कैमरे, एक बार हुई मरम्मत, 4 से भर रहे सुरक्षा का दंभ।

 

सागर. डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विवि परिसर में सीसीटीवी कैमरे विगत 3 साल से खराब पड़े हैं। 5 साल पहले करीब एक दर्जन सीसीटीवी कैमरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगवाए थे। वर्तमान में इनमें से 8 कैमरे खराब पड़े हैं। हैरानी की बात यह है कि सिर्फ एक बार ही इनकी मरम्मत कराई गई। उसके बाद से कैमरों की मरम्मत के लिए सुरक्षा ने एक रुपए भी खर्च नहीं किया है। ताज्जुब की बात यह है कि इस दौरान बाइक चोरी, मारपीट और चंदन के पेड़ चोरी होने की दर्जनों घटनाएं हो चुकी हैं। सीसीटीबी कैमरे दुरुस्त न होने के कारण विवि का सुरक्षा विभाग भी आरोपियों की पहचान करने में बेबस रहा है। बावजूद इसके विवि प्रशासन तीसरी आंख को लेकर संजीदा नहीं है।
-86 जवानों का बल तैनात

विवि में सुरक्षा व्यवस्था के लिए एसआइएसएफ की एक टुकड़ी तैनात की गई है। इनमें ८६ जवान शामिल है, जो तीन शिफ्ट में तैनात रहते हैं। परेशानी की बात यह है कि यह बल नाकाफी है और हर प्वाइंट पर इनकी तैनाती भी संभव नहीं है। विवि प्रशासन इन पर 5 करोड़ 31 लाख रुपए सालाना भी खर्च कर रहा है। लेकिन यह सुविधा महज सीसीटीवी कैमरे न लगे होने के कारण नाकाफी साबित हो रही है।

कैंपस गेट
शिक्षकों के आवासीय क्वार्टरों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए गेट पर ४ कैमरे लगाए गए थे। इनमें से सिर्फ 2 ही चालू हैं। जबकि 2 बंद पड़े हैं। गेट से अंदर और बाहर आने वाले लोगों की एंट्री तो होती है, लेकिन कई मर्तबा कार से आने वाले लोगों की एंट्री नहीं हो पाती है। सुरक्षा के लिहाज से यहां सभी कैमरे चालू होने की काफी जरूरत है।

-समाधि स्थल
विवि में दाखिल होने और बाहर जाने वालों पर नजर रखने के उद्देश्य से चौराहे पर भी एक सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था, लेकिन यह भी बंद पड़ा है। बाइक चोरी कर ले जाने वाले और मारपीट कर वारदात को अंजाम देकर फरार होने वाले लोगों का भी पता इस बंद कैमरे के कारण नहीं लग पाता है।

-बॉयज हॉस्टल
छात्रों के रहवासी जगहों पर 4 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। सभी हॉस्टल् में इनकी व्यवस्था थी, लेकिन तीन साल से यह सभी बंद पड़े हैं। हॉस्टल में आए दिन विवाद होते हैं। जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरे बंद होने के कारण विवाद की स्थिति और हकीकत मालूम नहीं हो पाती है।

-यहां तो अब तक नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे

गल्र्स हॉस्टल
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी बड़ी चूक प्रबंधन द्वारा की जा रही है। गल्र्स हॉस्टल में जहां सबसे ज्यादा जरूरत है वहां अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगवाए गए हैं। इससे छात्राओं के आने और जाने पर नजर भी नहीं रखी जा रही है।

दोनों पार्किंग
केंद्रीय कार्यालय और लाइब्रेरी के पास पार्किंग की व्यवस्था है, लेकिन यहां पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। एक साल में इन जगहों से दो बाइक चोरी हो चुकी हैं। लेकिन आरोपियों की पहचान सीसीटीवी कैमरे न लगे होने के कारण नहीं हो पाई है।

कैंटीन और दुंकान
सीसीटीवी कैमरों की जरूरत कैंटीन और परिसर में बनी दुकानों के पास भी है। कैंटीन में छात्रों के बीच विवाद होना आम बात है। वहीं, परिसर में चल रही दुकानों के सामने चालू मार्ग होने पर हादसे होने की भी आशंका है। इस लिहाज से दोनों जगहों पर यह कैमरे अब तक न लगाए जाना समझ से परे है।

 

विवि प्रशासन से कैमरों की मरम्मत के लिए बजट की मांग की गई है, लेकिन अभी तक इसके लिए बजट नहीं मिला है। यह बात सही है कि सुरक्षा के लिहाज से विवि में कैमरे दुरुस्त होना जरूरी है।
प्रो. आशीष वर्मा, सुरक्षा अधिकारी विवि

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