गिरदावरी में की पटवारियों ने लापरवाही, किसान नहीं करा पा रहे पंजीयन

खेत में बोई धान की फसल, पोर्टल पर दिख रही सोयाबीन, उड़द

By: sachendra tiwari

Published: 08 Oct 2021, 09:38 PM IST

बीना. बोवनी के बाद खेतों में किस फसल की बोवनी हुई है इसके लिए गिरदावरी कर पोर्टल में उसे फीड किया जाता है। यह कार्य पटवारियों द्वारा किया जाता है और इसमें की गई लापरवाही से अब किसान परेशान हो रहे हैं। खेत में फसल धान की बोई गई है और पोर्टल पर उड़द, सोयाबीन दिख रही है।
समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए किसान पंजीयन कराने केन्द्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन हर दिन बीस में से दस किसानों को वापस लौटना पड़ रहा है, क्योंकि गिरदावरी के समय उनके खेत में धान की फसल फीड नहीं की गई है। किसी के खेत में सोयाबीन, तो किसी के यहां उड़द की फसल दिख रही है। पोर्टल पर गलत जानकारी होने के कारण उनके पंजीयन नहीं हो पा रहे हैं। पोर्टल पर सुधार होने के बाद ही पंजीयन हो पाएंगे। किसान संजय जैन मेवली, डीलन सिंह निबोदा ने बताया कि उनका पंजीयन नहीं हो पा रहा है, क्योंकि पोर्टल पर फसल दूसरी है। गौरतलब है कि पंजीयन केन्द्र ब्लॉक में देरी से शुरू हुआ है और पोर्टल पर सही जानकारी न होने के कारण किसान परेशान हो रहे हैं। इस वर्ष छह हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में धान की बोवनी की गई है।
किसानों का आरोप घर बैठे करते हैं पंजीयन
किसानों का आरोप है कि पटवारी खेतों में जाए बिना ही गिरदावरी कर देते हैं, जिससे खेत में बोवनी किस अनाज की हुई है सही जानकारी नहीं आ पाती है। यह स्थिति हर बार बनती है। अब पंजीयन सुधवाने के लिए किसानों को पटवारियों के चक्कर काटने पड़ेंगे। पंजीयन कराने की अंतिम तारीख १५ अक्टूबर है और इस बीच सुधार नहीं हुआ तो पंजीयन नहीं हो पाएंगे।
हर दिन वापस लौट रहे किसान
पंजीयन मंडीबामोरा समिति द्वारा किए जा रहे हैं। समिति प्रबंधन कुलदीप सिंह ने बताया कि पोर्टल पर धान की फसल न दिखने के कारण कई किसानों के पंजीयन नहीं हो पा रहे हैं। हर दिन बीस में से दस किसान वापस लौट जाते हैं।
कराएंगे सुधार
गिरदावरी में गलत फसल फीड करने की शिकायत नहीं आई है, यदि इसमें गलती हुई है तो जानकारी लेकर जो भी सुधार होगा कराया जाएगा।
संगीता सिंह, प्रभारी तहसीलदार, बीना

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sachendra tiwari Reporting
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