पुलिस के हत्थे चढ़ा अंतरराज्यीय गिरोह, एटीएम मशीन से छेड़छाड़कर चुरा ले जाते थे हजारों रुपए

कई थानों के एटीएम को बना चुके थे निशाना, उत्तरप्रदेश-मध्यप्रदेश के जिलों में एटीएम को क्षतिग्रस्तकर चुराते थे रुपए

By: संजय शर्मा

Published: 19 Mar 2020, 09:00 AM IST

सागर. सिविल लाइन क्षेत्र के एक एटीएम बूथ से रुपए निकाल रहे युवकों की संदिग्ध हरकत के चलते पुलिस ने बुधवार सुबह उन्हें दबोच लिया लेकिन बदमाशों के साथी भाग निकले। जिन्हें कड़ी मशक्कत कर डायल-100 टीम और पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से पकड़ लिया। ये बदमाश उत्तरप्रदेश के कानपुर से कार में सवार होकर सागर आए थे और कई एटीएम को निशाना बनाने वाले थे। लेकिन मकरोनिया चौराहे के एक एटीएम बूथ में चोरी की कोशिश के दौरान उनकी लोकेशन की भनक पुलिस को लग गई और जब वे सिविल लाइन में साई मंदिर के सामने एटीएम बूथ से रुपए निकाल रहे थे तभी संदिग्ध हरकतों की खबर लोगों ने पुलिस को दे दी और गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। एटीएम मशीन से छेड़छाड़ और उसे क्षतिग्रस्त कर रुपए उड़ाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य करीब एक साल से कानपुर से सागर आकर कई एटीएम से एक साथ चोरी करते रहे हैं।

22 फरवरी को मकरोनिया से निकाले थे रुपए -

एसपी अमित सांघी के अनुसार 7 मार्च को इंडियन ओवरसीज बैंक की मकरोनिया शाखा की प्रबंधक कल्पना तिवारी ने बैंक एटीएम में तोडफ़ोड़ कर रुपए निकालने की शिकायत की थी। बैंक मैनेजर 21 से 23 फरवरी के अवकाश पर थी और 24 फरवरी को लौटने पर उन्हें एटीएम से ट्रांजेक्शन नहीं होने की सूचना मिली। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञ को बुलाकर जांच कराई तो पता चला कि मशीन के केश डिस्पेंशर के साथ छेड़छाड़ की गई है। मशीन के कैश बॉक्स से 10 हजार रुपए कम पाए गए। इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को देकर 26 फरवरी को सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर दो अज्ञात व्यक्ति 22 फरवरी की सुबह 6.20 से 6.30 के बीच एटीएम बूथ में घुसकर मशीन से छेड़छाड़ करते दिखे। इसी दौरान बैंक एटीएम से 10 हजार रुपए अनाधिकृत रूप से निकाले गए थे।

बदमाश ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे -

एएसपी प्रवीण कुमार भूरिया के अनुसार एटीएम से रुपए निकालने की शिकायतों को देखते हुए एसपी अमित सांघी के निर्देश पर जांच के लिए टीम बनाई गई। मकरोनिया सीएसपी योगेन्द्र सिंह भदौरिया के निर्देशन में टीआइ उपमा ङ्क्षसह व थाना स्टाफ, साइबर सेल से आरक्षक अमित शुक्ला, सीसीटीवी प्रभारी एसआई सोनल पांडेय, डायल-100 प्रभारी एसआई आरकेएस चौहान और पीसीआर प्रभारी आरपी चौबे और एफआरवी-1 के पायलेट शाहिद मिर्जा, आरक्षक सुशील चौहान, प्रदीप शर्मा, बसंत मिश्रा, तंजीम खान व अन्य ने सक्रियता दिखाई और मकरोनिया चौराहे के नजदीक बुधवार सुबह जैसे ही बदमाशों की लोकेशन मिली। टीम ने अलर्ट हो गई और सिविल लाइन के एटीएम से रुपए निकालते समय पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

होशियारी बनी बदमाशों का फंदा -

सीएसपी योगेन्द्र ङ्क्षसह भदौरिया ने बताया कि ओवरसीज बैंक के एटीएम से चोरी के बाद से पुलिस बदमाशों का पता लगाने में जुटी थी। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मशीन से छेड़छाड़ के ठीक पहले हुए ट्रांजेक्शन का ब्यौरा खंगाला गया तो बैंक खाते और उससे लिंक मोबाइल नंबर का पता चल गया। यह मोबाइल नंबर कानपुर निवासी अजय राठौर का था। बदमाश एटीएम में रुपए होने का पता लगाने के लिए अपने एटीएम से 500 रुपए निकालते थे और मशीन से रुपए निकलने के दौरान डस्पेंशर को क्षतिग्रस्त कर देते थे। उनकी यही होशियारी पुलिस के लिए फायदेमंद साबित हुई। इस नंबर को सर्विलांस पर रखा गया और बुधवार सुबह 7 बजे मकरोनिया में लोकेशन मिलते ही टीम हरकत में आ गई और सिविल लाइन स्थित सेंट्रल बैंक के एटीएम से संदेही मोहित शर्मा पिता कृष्ण कुमार शर्मा संजय नगर रसूलाबाद कानपुर देहात और बजरंग पिता रामप्रताप सिंह गोविन्द नगर कानपुर को दबोच लिया। मौके से भागे उनके साथी सोनू उर्फ अजय राठौर, ज्ञानेन्द्र पाण्डे उर्फ रामू एवं अमित यादव को पुलिस ने झांसी रोड पर बरोदिया बस स्टैंड से घेराबंदी कर पकड़ लिया। जबकि कार लेकर भाग रहे अमित यादव को ललितपुर के पास टोल नाके पर दबोचा जा सका।

संजय शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned