बजट में स्वीकृति मिलते ही पुलिसकर्मियों को मिलेगी आवास की सौगात

तीन साल पहले पुलिस आवास के लिए किया गया था प्रपोजल तैयार, सरकार बदलने से चला गया था ठंडे बस्ते में

By: anuj hazari

Updated: 17 Oct 2020, 06:07 PM IST

बीना. शहर में एक थाना, दो पुलिस चौकी, एसडीओपी कार्यालय व सीसीटीवी कंट्रोल रूम है, जहां पर पदस्थ पुलिसकर्मियों को रहने के लिए पर्याप्त आवास नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। करीब तीन वर्ष पहले नए आवास के लिए पुलिस हाउसिंग की तरफ से सीमांकन भी किया गया था, लेकिन उसके बाद से इस पर कोई काम नहीं किया गया है। गौरतलब है कि तहसील कार्यालय के पीछे न्यू पुलिस कॉलोनी में महज 34 आवास हैं, जिनमें से 30 आवास पुलिसकर्मियों के लिए तो चार अधिकारियों के लिए हैं और पुलिसकर्मियों की संख्या ज्यादा होने के कारण आवास सभी कर्मचारियों के लिए नहीं मिल पा रह हंै। आवास न मिलने पर उन्हें किराए के मकान में रहना पड़ता है। यही नहीं पुरानी पुलिस लाइन के खंडहर घोषित हो चुके आवासों में भी पुलिसकर्मी रहने के लिए मजबूर हैं। करीब तीन वर्ष पूर्व विधायक महेश राय ने पुलिसकर्मियों की समस्या के चलते अधिकारियों से चर्चा की थी, जिसके बाद आवासों के लिए पुलिस हाउसिंग के अधिकारियों ने सर्वे कर जगह चिन्हित की थी, लेकिन तीन साल से ज्यादा का समय हो जाने के बाद भी आवास के प्रपोजल के लिए स्वीकृति नहीं है, जिससे पुलिसकर्मी परेशान हैं।

बजट में किया जाना है शामिल
हमारी पिछली सरकार में पुलिसकर्मियों की समस्या को देखते हुए आवास के लिए प्रपोजल भेजा गया था। गृहमंत्री द्वारा भी अनुमोदन कर दिया गया था, जिसके बाद उसे बजट में शामिल किया जाना था, लेकिन सरकार चली जाने के कारण यह प्रपोजल बजट में शामिल नहीं हो सका था। जैसे ही उपचुनाव होते हैं, इसे बजट में शामिल कराके आवास बनवाए जाएंगे।
महेश राय, विधायक

anuj hazari Reporting
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