टंकी का पानी पीने से पहले यह सच जान चौंक जाएंगे आप

Sanjay Sharma

Publish: Oct, 13 2017 01:34:01 PM (IST)

Sagar, Madhya Pradesh, India
टंकी का पानी पीने से पहले यह सच जान चौंक जाएंगे आप

बस स्टैंड पर पेयजल के लिए रखीं पानी की टंकियों की महीने से सफाई न होने से पानी दुर्गंध मारने लगा है।

सागर. मुख्य बस स्टैंड की सफाई सहित तमाम व्यवस्थाओं के संचालन की जवाबदारी आरटीओ द्वारा बनाई गई निगरानी समिति के पास है, लेकिन अनदेखी के कारण समिति अपना दायित्व ही भूल गई है। बस स्टैंड को साफ स्वच्छ रखने के लिए हर माह दो लाख रुपए से ज्यादा राशि खर्च की जाती है लेकिन परिवहन विभाग की देखरेख में होने वाला ये बस इंतजाम केवल दिखावटी ही बनकर रह गया है। स्थिति यह है कि बस स्टैंड पर रखी पानी की की टंकियों की नियमित सफाई नहीं हो रही है न उन्हें ढंकने के पर्याप्त इंतजाम हैं।

यात्रियों के लिए सुविधाएं जुटाने और उन्हें व्यवस्थित रखने बस स्टैंड निगरानी समिति को जिम्मा सौंपा गया है लेकिन उसके सुध न लेने से टंकियों की दशा बदहाल हो रही है। बड़ी टंकी में जहां से पानी जाता है उसे एक पत्थर और उस पर सीमेंट की बोरी रखकर ढंका गया है। टंकियों में कहीं काई-कचरा जमा है तो कहीं कीड़े-पक्षियों की बीट पानी को गंदा कर रही है। कभी टंकी खाली हो जाती हैं तो कभी पानी से आ रही दुर्गंध के कारण यात्री मजबूरी में दुकानों पर मिलने वाला बोतलबंद पानी या पाऊच खरीदने मजबूर हो जाते हैं।

रैनबसेरा में बस भगवान भरोसे
बस स्टैंड पर रैन बसेरा में भी हालात ठीक नहीं है। रैन बसेरा की छत पर रखी पानी की टंकियां देखने के बाद शायद ही कोई इस पानी को पीने की हिम्मत जुटा पाए। रैनबसेरा की छत पर रखी चार में से दो टंकियों को तो ढका ही नहीं गया है और उनमें कीट-पतंगों के शव-अवशेष, पत्तियां सड़ रहीं हैं। इसी पानी को रैन बसेरा में रुकने वाले लोगों को पीने-नहाने के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। रैन बसेरा की व्यवस्था ननि के जिम्मे हैं लेकिन बस स्टैंड से जुड़ा मामला होने से इसकी सुध लेने की फुरसत निगम के अफसरों को नहीं है।

बस स्टैंड पर सफाई के लिए कर्मचारी तैनात किए गए हैं। निगरानी समिति को इसकी व्यवस्था सौंपी गई है। पानी की टंकियों की नियमित सफाई कराई जाती है यदि एेसा नहीं हो रहा है तो मैं स्वयं व्यवस्था कराऊंगा।
प्रदीप कुमार शर्मा, आरटीओ सागर

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