यहां बिना लैब के हो रहे प्रैक्टिकल

लैब में धूल खा रहे उपकरण

By: आकाश तिवारी

Published: 10 Feb 2018, 10:10 AM IST

सागर. शासकीय हाई और हायरसेकंडरी स्कूलों में प्रैक्टिकल परीक्षा 12 फरवरी से होना है। इसके लिए पर्यवेक्षकों की सूची तैयार की जाना थी, जो कि अभी तक नहीं बनी है।
कौन शिक्षक कहां प्रैक्टिकल कराएगा, यह अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन ये तय हो जाने के बाद भी प्रैक्टिकल में खानापूर्ति ही होगी। इसकी वजह यह है कि जिले के 280 स्कूलों में में से 100 में लैब ही नहीं है, जहां लैब है भी, वहां विद्यार्थियों से कभी प्रयोग ही नहीं कराए गए। स्थिति यह है कि उपकरण धूल खा रहे हैं। लैब में रखे उपकरण धूल खा रहे हैं। पत्रिका ने शुक्रवार को
शहर के शासकीय स्कूलों का जायजा लिया।
लैब को शिक्षकों ने बना लिया स्टाफरूम
कनेरा देव शासकीय हाईस्कूल में विद्यार्थियों की लैब में शिक्षकों ने अपना स्टाफ रूम बना लिया है। यहां छात्र-छात्राओं की प्रैक्टिकल करने जगह ही नहीं है। शिक्षकों का स्टाफ रूम होने के बावजूद भी लैब में बैठे शुक्रवार को नजर आए। वहीं लैब का सामान अलमारी में रखा मिला। स्कूल में १२५ छात्र-छात्राओं की संख्या दर्ज है। प्राचार्य एनके श्रीवास्तव का इस मामले में कहना था कि हाईस्कूल में लैब की अलग से व्यवस्था नहीं होती है। विद्यार्थियों के लिए प्रायोगिक सामग्री है और समय-समय पर प्रेक्टिकल कराए जाते हैं।
उपकरणों पर धूल
स्वीडिश मिशन स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए लैब का इंतजाम है। यहां फिजिक्स, केमेस्ट्री के लिए अलग-अलग कक्ष भी हैं लेकिन यहां रखे गए उपकरण धूल खा रहे हैं। लैब की सामग्री में धूल जम चुकी है और प्रैक्टिकल के लिए कोई तैयारी नहीं है। यह लैब स्कूल की स्थापना के समय वर्ष १९७२ में बनी गई थी, तब से ही यहां के हालात में ज्यादा सुधार नहीं हो सका है। इसके बावजूद प्राचार्य आरके डेविड का दावा है कि प्रयोग होते हैं, प्रैक्टिकल परीक्षा कब से शुरू होगीं यह आदेश डीईओ ऑफिस से नहीं आया है।
तालों में कैद मिली लैब
शासकीय उच्चतर स्कूल गौरनगर में लैब के लिए दो कमरे हैं लेकिन यह बंद है। छात्रों ने बताया कि सालभर कोई प्रयोग नहीं कराया गया। लैब में ज्यादातर समय ताला लगा रहता है, स्थिति यह है कि कमरे के अंदर कबूतरों का डेरा है। यहां प्राचार्य दिव्या श्रीवास ने पत्रिका की टीम के पहुंचने पर भी ताला नहीं खोला, ताकि हकीकत पता न चल सके।
स्कूलों को नहीं दी प्रैक्टिकल की जानकारी
हायर सेकंडरी के छात्रों की प्रैक्टिकल परीक्षा की तारीख की जानकारी शिक्षा विभाग द्वारा अभी तक स्कूलों को नहीं दी गई है, जबकि यह परीक्षा 12 फरवरी से होना है। प्रैक्टिकल परीक्षा निजि स्कूलों में भी आयोजित की जानी है। ऐसे में स्कूल संचालक शिक्षा विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सूची के लिए 10 फरवरी और उसके बाद आने का कहा जा रहा है।
हर वर्ष २५ हजार
शासकीय स्कूलों की लैब में रखे गए उपकरणों के रखरखाव के लिए हर वर्ष शिक्षा विभाग द्वारा २५ हजार रूपए की राशि स्कूल प्रबंधन को दी जाती है। इसके बावजूद भी लैब का रखरखाव नहीं किया जा रहे हैं। जिले के स्कूलों में १२वीं कक्षा तक के विद्यार्थी प्रयोग ही नहीं कर पा रहे है।

जांच कराई जाएगी...
-जिन हाईस्कूल की बिल्ंिडग स्वीकृत नहीं हुई वहां प्रायोगिक
लैब नहीं है। स्कूलों में प्रैक्टिकल क्यों नहीं कराए जा रहे हैं
इसकी जांच कराई जाएगी।
संतोष शर्मा, डीईओ

आकाश तिवारी
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