दो महीने से चल रही थी तैयारी, 43 सैकंड में विंडों निरीक्षण कर चले गए जीएम

स्पेशल सैलून से सुबह चार बजे पहुंचे थे स्टेशन

By: anuj hazari

Updated: 12 Feb 2021, 08:50 PM IST

बीना. जीएम के वार्षिक निरीक्षण को लेकर करीब दो महीने से बीना-कटनी सेक्शन पर तैयारी की जा रही थी, लेकिन जीएम ने यहां पर निरीक्षण नहीं किया महज 43 सेकंड में विंडों निरीक्षण करते हुए खुरई पहुंचे, जहां से उन्होंने निरीक्षण शुरू किया। दरअसल जीएम वर्ष में एक बार सभी स्टेशनों का निरीक्षण करके यात्री सुविधाओं और रेलवे के सभी विभागों में काम की समीक्षा करते हैं। इसके लिए जबलपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों का जीएम एके सिंह ने निरीक्षण किया। जीएम सुबह करीब चार बजे स्पेशल सैलून से बीना स्टेशन पहुंचे थे, जहां पर पांच घंटे रुकने के बाद सुबह नौ बजे सागर की ओर रवाना हुए। निरीक्षण कार्यक्रम में बीना स्टेशन का नाम नहीं होने के कारण उन्होंने स्टेशन पर निरीक्षण नहीं किया। इसके बाद उनके मालखेड़ी स्टेशन पर रुकने की संभावना थी और यहां पर करीब दो महीने से भी ज्यादा समय से जीएम के आने की तैयारियां की जा रही थीं, लेकिन जीएम यहां नहीं उतरे और महज 43 सेकंड में विंडों निरीक्षण करते हुए वह सीधे खुरई पहुंचे।

मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

जीएम के लिए समाजसेवी मनोज कैथोरिया, दिनेश कुशवाहा, राकेश प्रजापति, दीपक अहिरवार, विवेक श्रीवास्तव, राहुल यादव, बीडी रजक ने दो ज्ञापन सौंपे। जिसके माध्यम से नानक वार्ड में खाली पड़ी जमीन पर खेल मैदान बनाने, हरेराम मंदिर के पास पार्क विकसित करने, अंडरब्रिज और ओवरब्रिज का काम जल्द पूरा कराने, पश्चिमी कॉलोनी जाने वाले रोड के जर्जर हो जाने पर उसे बनवाने, शंटिंग इंजन बंद होने के कारण धक्का को खत्म कर सीधा रास्ता बनाने, रेलवे अस्पताल में डॉक्टर व स्टाफ बढ़ाने, छोटी स्टेशन के सफर के लिए पैसेंजर टे्रनों को चालू करने, झांसी अंडरब्रिज के पास उचित उजाले की व्यवसाय कराने सहित अन्य मांग की, जिसे जीएम ने जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा एक महिला अपने पति की मृत्यु के पश्चात बेटे को अनुकंपा नियुक्ति दिलाने की मांग को लेकर मालखेड़ी स्टेशन पहुंची, लेकिन वहां पर जीएम स्पेशल सैलून नहीं रुका, जिससे उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। महिला सुशीला विश्वकर्मा के पति रमेश विश्वकर्मा ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे और इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। इस मामले में आरटीआइ के माध्यम से कई तथ्य सामने आए हैं, जिनमें बकाया भुगतान करने और अनुकंपा नौकरी मिलनी चाहिए, लेकिन उनके बेटे को नौकरी नहीं मिली है। जीएम से मुलाकात नहीं हो पाने के कारण उन्हें निराश वापस लौटना पड़ा।

anuj hazari Reporting
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