अभिभावकों की जेब पर डाका डालने की तैयारी, फिक्स हुआ स्कूल, स्टेशनरी वालों का कमीशन

एडमिशन के बाद किताबों की लिस्ट पकड़ाकर एक बार फिर लूटने की तैयारी

By: Satish Likhariya

Published: 10 Mar 2019, 10:03 AM IST

सागर.प्राइवेट स्कूलों का नया शैक्षणिक सत्र 15 मार्च से शुरू होगा। एडमिशन के बाद किताबों की लंबी लिस्ट पकड़ाकर स्कूलों ने एक बार फिर लूटने की तैयारी कर ली है। वहीं दूसरी ओर अब तक किसी भी स्कूल प्रबंधन ने अपनी वेबसाइट या सूचना पटल पर यह चस्पा नहीं किया है कि उनके यहां कौन सी किताबें चलेंगी। नया शिक्षण सत्र शुरू होने के १5 दिन पहले ही यह जानकारी स्कूलों को देनी होती है, लेकिन अब तक किसी तरह की कार्रवाई न होने से स्कूल संचालक बेखौफ हैं। उन्हें न किसी गाइडलाइन का भय है, न ही किसी कार्रवाई की चिंता। यानी किताबें, रजिस्टर-कॉपी से लेकर जूते, टाई, स्कूल बैग तक तयशुदा दुकानों से ही मनमर्जी के रेटों पर खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर होना पड़ेगा।

एनसीईआरटी की किताबें सस्ती, दूसरी 6 गुना तक महंगी
एनसीईआरटी द्वारा प्रस्तावित किताबें लेने पर अभिभावक पर अधिकतम 200 से 1000 रुपए तक का खर्च ही आएगा। यह रेट कक्षा 1 से लेकर 12 वीं तक के हैं, लेकिन स्कूल प्रबंधन अन्य प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। इनके रेट एलकेजी से कक्षा 12वीं तक 1200 से लेकर 6000 रुपए तक हो जाते हैं। यानी तयशुदा दुकानों और उनकी किताबों के कारण अभिभावक की जेब काट ली जाती है।

नर्सरी क्लास का 1700 का बना दिया सेट

दीपक स्टेशनरी पर एक निजी स्कूल की पुस्तक लेने पहुंचे अभिभावक नितिन जैन ने बताया कि बेटा पहली बार स्कूल जा रहा है। नर्सरी क्लास की पुस्तकों का सेट 1872 का है। इसके लिए स्टेशनरी की यही दुकान फिक्स है। होमवर्क कॉपो स्कूल द्वारा दो चलाई जा रही हैं। जिसकी कीमत ही 265 रुपए है। एलाइन बुक की कीमत ३०० रुपए है। ऐसे में पहले ही लूटने की तैयारी हो गई है।

फिर हो रही लूटने की तैयारी

भारत रक्षाा मंच के प्रदेशमंत्री दीपक भंडारी और अनिलपाण्डे ने बताया कि अभिभावक बच्चों को निजी स्कूल में पढ़ाने मजबूर है। शहर में कुछ स्टेशनरी की दुकानें हैं जो स्कूलों ने फिर फिक्स कर ली है। नर्सरी का सेटर 1800 का है। कक्षा ५वीं का सेट करीब 4 हजार का है। हर वर्ष सिर्फ प्रशासन के द्वारा कार्रवाई करने के लिए कहा जाता है लेकिन होता नहीं है।

अधिकतम 4 किताबों की जगह चलाते हैं दर्जनभर किताबें
2015 में लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल ने आदेश जारी किए थे कि एनसीईआरटी की पुस्तकों के अलावा प्राइवेट स्कूल अधिकतम 4 किताब अपनी जरूरत के मुताबिक चला सकते हैं। इसी की आड़ में सभी 8 से 12 तक अतिरिक्त किताबें चलाते हैं। इनके रेट 200 से लेकर 500 रुपए प्रति किताब तक है। इसके साथ ही स्टेशनरी में रजिस्टर कॉपी तक की कंपनियां तय हैं। बाजार में जो रजिस्टर कॉपी 5 से 20 रुपए तक में उपलब्ध हैं वो यहां पर 40 से 150 रुपये तक में दिए जा रहे हैं। हर स्कूल की अपनी अपनी कंपनियां और स्टेशनरी दुकानें फिक्स हैं।

शिक्षा विभाग से वर्ष 2017 में जारी हुई थी गाइड लाइन
- जिले में संचालित सभी अशासकीय स्कूल आगामी शिक्षण सत्र प्रारंभ होने के पहले कम से कम एक माह पूर्व पुस्तकों की सूची लेखक एवं प्रकाशक के नाम और मूल्य के साथ स्कूल के सूचना पटल पर लगाएं। स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा ऐसी सूचना मांगने पर दें।

- किसी भी प्रकार की शिक्षण सामग्री पर विद्यालय का नाम अंकित नहीं होना चाहिए। विद्यालय के सूचना पटल पर किसी अंकित किया जाए। किसी भी दुकान विशेष से क्रम करने की बाध्यता नहीं रहेगी। कहीं से पुस्तक सामग्री क्रय की जाती है।
- पुस्तकों के अतिरिक्त स्कूलों के द्वारा यूनीफार्म, टाई, जूते, कापियां आदि खरीदने के लिए दवाब नहीं डाला जाएगा।
- आरटीई के तहत जिन बच्चों को २५ प्रतिशत निशुल्क प्रवेश दिया गया है, उनकी सूची विद्यालय के बाहरी सूचना पटल पर चस्पा की जाए।

समिति नहीं करती कोई कार्यवाही

निजी स्कूलों की मनमानी को रोकने के लिए जिले में फीस एवं अनुशांगिक विषय विनियामक समिति का गठन भी किया गया था। जिसमें समिति का अध्यक्ष कलेक्टर,जिला कोषालय अधिकारी सदस्य, कलेक्टर द्वारा आदेशित कोई अधिकारी सदस्य और जिला शिक्षा अधिकारी सचिव के पद पर रहेंगे। स्कूलों से संबधित किसी निर्णय बैठक करके ले सकेंगे, बैठक में कोरम के तीन सदस्य होना अनिवार्य है। जिला समिति संबधित प्रस्ताव पर ४५ दिन के भीतर निर्णय लेगी और ७ दिन में राज्य समिति को प्रस्ताव भेजी गी। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि अभिभावकों के बार-बार विरोध के बाद कोई निर्णय नहीं लिया जाता है।
स्कूलों ने तय कर दिए कॉपी के दाम (रुपए में)

सिंगल लाइन कॉपी १७२ पेज - ४५

टेस्ट कॉपी ७६ पेज - २२

किंग लांग कॉपी - ५५

प्रेक्टिकल कॉपी - ६०

एनसीईआरटी पुस्तकों के रेट (रुपए में)

कक्षा सेट की कीमत

1 से 5 - 400 रुपए तक

6 से 8 - 500 तक

9 से 12 - 800 तक

पुस्तकों के रेट निजी पब्लिशर्स की (रुपए में)

कक्षा सेट की कीमत

नर्सरी से 5 - 1८00 से 2300

तक6 से 8 - 2५00 से ४000 तक

9 से 12 - 2200 से लेकर ५000 तक

ये है स्थिति

सीबीएसई स्कूल - ३०

पुस्तक विक्रेता - १० बड़े विक्रेता

निजी पब्लिशर्स -११००

छात्रों की संख्या - ५0,000

स मामले में डीइओ को निर्देशित किया जाएगा कि नए शैक्षणिक सत्र में शासन की गाइडलाइन के मुताबिक कार्य कराया जाए। निजी स्कूलों में चलने वाली पुस्तकों की सूची को मंगाया जाएगा।

आरएन शुक्ला, जेडी, शिक्षा विभाग

 

 

 

 

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