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प्रभारी प्राचार्य को खिलाड़ियों से अभद्रता और स्कूल में प्रेसवर्ता करना पड़ा महंगा, कमिश्नर ने किया निलंबित

locationसागरPublished: Feb 02, 2024 10:31:16 pm

Submitted by:

sachendra tiwari

जांच में लापरवाही बरतने पर बीइओ को भी किया निलंबित, कलक्टर के प्रस्ताव पर हुई कार्रवाई

स्कूल में प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए प्रभारी प्राचार्य-फाइल फोटो
स्कूल में प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए प्रभारी प्राचार्य-फाइल फोटो

बीना. उत्कृष्ट स्कूल के प्रभारी प्राचार्य और बीइओ के खिलाफ एसडीएम द्वारा कलक्टर के यहां प्रतिवेदन पस्तुत किया गया था। कलक्टर द्वारा यह प्रस्ताव कमिश्नर वीरेन्द्र सिंह रावत को भेजा गया था, जिसपर दोनोंं के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। शुक्रवार को यह आदेश जारी किया गया।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि आवेदक हरिओम आदि ने एसडीएम को 29 जनवरी को ज्ञापन दिया था कि वह कई वर्षों से खेल मैदान में अभ्यास करते आ रहे हैं, लेकिन 22 जनवरी को प्रभारी प्राचार्य सीएम मंसूरी द्वारा अभद्रतापूर्ण व्यवहार किया गया था। इसकी शिकायत 181 पर की गई थी, जिसे वापस लेने के लिए भी प्रभारी प्राचार्य ने अभद्रता की। 22 और 23 जनवरी के संबंध में जारी शासन के आदेश के संबंध में भी प्रतिकूल टिप्पणी की गई और बिना अनुमति के स्कूल कक्ष में प्रेसवार्ता की गई। यह कृत्य पदीय दायित्वों के निर्वहन में अनुशासनहीनता के चलते प्रभारी प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में जिला शिक्षा अधिकारी का कार्यालय मुख्यालय रहेगा।
जवाब देने रैली के रूप में पहुंचने मांगी थी सुरक्षा
प्रभारी प्राचार्य ने स्वयं के अभद्र व्यवहार संबंधी प्रस्तुत ज्ञापन का उत्तर प्रस्तुत करने 31 जनवरी को पत्र के माध्यम से एसडीएम, थाना प्रभारी को सूचित किया था कि विद्यार्थियों, पालकों साथ वह 1 फरवरी को संबंधित कार्यालय में उपस्थित होकर उत्तर प्रस्तुत करेंगे, इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था भी मांगी थी।
जांच में लापरवाही करने पर बीइओ पर हुई कार्रवाई
प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ आए आदेवन की जांच के लिए एसडीएम ने बीइओ आरके जाटव को दिया था, लेकिन उनके द्वारा रुचि नहीं ली गई। जब जांच के संबध में जानकारी मांगी गई, तो उनके द्वारा अवगत कराया गया कि प्रभारी प्राचार्य द्वारा पत्र का जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया और जांच में सहयोग नहीं किया जा रहा है। साथ ही कहा गया कि जांच इतनी जल्दी क्यों करनी है। दूसरी बार भी बीइओ द्वारा समाधानकारक उत्तर नहीं दिया गया और ना ही कार्यालय में उपस्थित हुए। जांच में लापरवाही पाए जाने पर कमिश्नर ने बीइओ को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।
प्रेसवार्ता में लगाए थे आरोप
गौरतलब है कि प्रभारी प्राचार्य ने प्रेसवार्ता बुलाकर गणतंत्र दिवस पर हुए राष्ट्रगान के अपमान के संबंध में जनपद उपाध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया था। साथ ही पूर्व विधायक महेश राय के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। वहीं, खेल मैदान में आने वाले खिलाड़ियों पर कई आरोप लगाए थे।

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