पंक्चर बनाने वाला करता था हथियारों की तस्करी,शौकीनों को उपलब्ध कराता था हथियार

पंक्चर बनाने वाला करता था हथियारों की तस्करी,शौकीनों को उपलब्ध कराता था हथियार

Samved Jain | Publish: Sep, 05 2018 01:44:46 PM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

आपराधी और शौकीनों को दस से पंद्रह हजार रुपए में उपलब्ध कराता था हथियार

सागर. कोतवाली थाना पुलिस ने मंगलवार सुबह स्टेशन माल गोदाम के पास हथियारों की तस्करी कर रहे दो सिकलीकर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से दो पिस्टल, दो देशी कट्टे और एक रिवॉल्वर सहित कुछ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के हत्थे चढ़ा बाहुबली कॉलोनी निवासी युवक दिखावे के लिए पंक्चर की दुकान चलाता था और इसी की आड़ लेकर असामाजिक तत्वों और शौकीन मिजाजों को हथियार उपलब्ध कराता था। पुलिस शहर में बेचे गए हथियारों के संबंध में पूछताछ के लिए आरोपियों की रिमांड लेने की तैयारी कर रही है।
एसपी सत्येन्द्र कुमार शुक्ल ने बताया कोतवाली पुलिस को हथियारों की तस्करी की सूचना मिल रही थी। टीआइ अनिल मौर्य ने उन पर नजर रखना शुरू किया जिसके बाद माल गोदाम के पास तस्करों में सौदा होने की जानकारी लगी। मंगलवार सुबह पुलिस ने घेराबंदी की और जब तीन युवक हथियारों का लेनदेन कर रहे थे तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। एएसपी रामेश्वर सिंह, सीएसपी आरडी भारद्वाज के निर्देशन में बनी टीम में शामिल एसआई गौरव राजौरिया, आरक्षक तंजीम, आशीष यादव, प्रहलाद कुशवाह ने तीनों युवकों को दबोचा और उनके पास से दो पिस्टल (०९एमएम) ३१५ बोर के दो देशी कट्टे और एक रिवॉल्वर सहित दो जिंदा कारतूस भी बरामद कर लिए।
पूछताछ में पकड़े गए सिकलीगर ने अपना नाम अवतार पिता अमृत सिंह सरदार (३०) निवासी पाचोरी थाना खकनार जिला बुरहानपुर बताया। उसके साथ हथियारों की डिलेवरी देने गांव से उसका साथी गोरेलाल पिता गुमान ङ्क्षसह आदिवासी (२४) भी सागर आया था। हथियारों की डिलेवरी ले रहे बाहुबली कॉलोनी निवासी अमर पिता गोविन्द ठाकुर (२८) से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि वह पंचर की दुकान चलाता था और उसी की आड़ में अवैध हथियारों की तस्करी करता था। वह खण्डवा-बुरहानपुर के सिकलीगरों से सस्ती कीमत में अवैध पिस्टल-रिवॉल्वर और कट्टे बुलाकर बेचता था। ये हथियार सागर में १० से १५ हजार रुपए तक की कीमत में बिक जाते थे।
फिनिशिंग देखकर
दंग रह गए अफसर
निमाड़ क्षेत्र के सिकलीगरों द्वारा बनाए गए पिस्टल-रिवॉल्वर देख पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। ९ एमएम बोर के पिस्टल की क्वॉलिटी हूबहू आर्डिनेंस फैक्ट्री मेड हथियार के जैसी ही थी। सिकलीगर इन्हें वाहनों की स्टेयरिंग रॉड का उपयोग करके बनाते थे। वे इनके उपयोग के पूरी तरह सुरक्षित होने का भी दावा करते थे।
रेल मार्ग से तस्करी
का अंदेशा
सिकलीगरों द्वारा बनाए जाने वाले हथियारों की तस्करी के लिए आरोपियों द्वारा रेल मार्ग का उपयोग किए जाने की आशंका जताई जा रही है क्योंकि आरोपियों द्वारा हथियारों को बड़ी आसानी से ट्रेन के किसी डिब्बे में किसी यात्री की मदद या डिब्बे के निचले हिस्सों में छिपाकर आसानी से लाया जा सकता है।
पहले भी सामने आ आए मामले
शहर में अवैध हथियारों की तस्करी का यह पहला मामला नहीं है। पिछले साल भी पुलिस ने निमाड़ से आने वाले हथियारों की खरीद-फरोख्त में करीब दस लोगों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर उनसे हथियार भी बरामद किए थे। लेकिन फिर यह मामला जांच के बाद ठंडे बस्ते में चला गया। लेकिन मंगलवार को हथियार तस्करी का मामला सामने आने के बाद पुलिस फिर इन मामलों को खोलने की तैयार और पुराने बदमाशों से नए तस्करों के कनेक्शन की परतें खोलने में जुट गई है।

 

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