पंद्रह वर्षों बाद रेलवे मालगोदाम से रैक हुए लोड, नौ करोड़ रुपए की हुई आय

खाद्यान्न के रैक भेजे जा रहे हैं बाहर

By: sachendra tiwari

Published: 01 Aug 2020, 09:15 AM IST

बीना. लॉकडाउन के चलते रेलवे की आय पर भी असर पड़ा है, क्योंकि पहले ही तरह माल ढुलाई नहीं हो रही है। बीना से निकलने वाली मालगाडिय़ों की संख्या भी कम हो गई है, लेकिन लॉकडाउन में बीना रेलवे स्टेशन से करीब नौ करोड़ रुपए की आय हुई है और यह आय यहां से लोड किए जा रहे खाद्यान्न के रैकों से हुई है।
रेलवे की यहां बड़ी गोदाम है और यहां रैक लोडिंग, अनलोडिंग की व्यवस्था भी है, लेकिन करीब पंद्रह वर्षों से यहां से रैक लोड नहीं किए जा रहे थे। इस वर्ष मार्च माह में लगे लॉकडाउन के बाद बिहरना वेयरहाउस, करमपुर सहित अन्य गोदामों से लगातार अनाज की सप्लाई की जा रही है और यह अनाज रैक के माध्यम से तमिलनाडू, तेलंगाना, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में भेजा जा रहा है और अभी तक चौदह रैक यहां लग चुके हैं। इन रैकों के लगने से रेलवे को करीब ९ करोड़ रुपए का लाभ हुआ है। रैक सीनियर डीसीएम, स्टेशन प्रबंधक वीके दुबे, सीडीएस बीडी रजक, डिप्टीएसएस संजय जैन के प्रयासों के बाद यहां लगना शुरू हुए हैं।
स्टेशन से निकलने वाली घट गई मालगाड़ी
लॉकडाउन के कारण मालगाडिय़ों से सामान की ढुलाई कम होने के कारण स्टेशन से निकलने वाली मालगाडिय़ों की संख्या घट गई है। लॉकडाउन के पहले तक यहां से करीब 45 मालगाडिय़ां हर दिन निकलती थी, लेकिन अब करीब 25 ट्रेने ही निकलती हैं। इससे रेलवे की आय पर भी असर पड़ा है और इसके बढ़ाने के लिए रेलवे द्वारा कई प्रयास भी किए जा रहे हैं। यहां तक कि महिला टीटीइ स्टाफ की ड्यूटी मार्केटिंग में लगाने की तैयारी की जा रही है, जिसमें वह व्यापारियों से चर्चा करेंगी और रेलवे में पार्सल बुकिंग से क्या लाभ होंगे।
पंद्रह वर्षों बाद लगे रैक
पंद्रह वर्षों बाद रैक की लोडिंग की गई है और बुधवार तक चौदह रैक लग चुके हैं, जिससे रेलवे को करीब 9 करोड़ आय हुई है। वरिष्ठ अधिकारियों के प्रयास के बाद यहां रैक लगना शुरू हुए हैं।
संजय जैन, डिप्टीएसएस, बीना

sachendra tiwari Reporting
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