बारिश से जिलेभर में आफत, भरभराकर ढह गए घर

दो दिन से थम-थमकर हो रही झमाझम बारिश का पानी बैठने से पुराने भवनों कमजोर दीवारें ढहने की कगार पर पहुंच गई हैं।

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Published: 24 Jul 2018, 04:49 PM IST

सागर. दो दिन से थम-थमकर हो रही झमाझम बारिश का पानी बैठने से पुराने भवनों कमजोर दीवारें ढहने की कगार पर पहुंच गई हैं। सोमवार तीन स्थानों पर घर धराशायी हो गए। मोतीनगर थाना क्षेत्र के मछरयाई क्षेत्र में सोमवार सुबह कांच मंदिर के नजदीक रहने वाले लोगों ने मोहल्ले में एक घर की छत ढहने की खबर दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची और घर का दरवाजा खुलवाया तो पता चला कि अंदर कमरे में छत का मलबा पड़ा था। लकड़ी के पुराने व लगभग सड़ चुके लट्ठों पर आधी छत उस समय भी झूल रही थी। घर की पहली मंजिल का लकड़ी का छप्पर भी गिरने की कगार पर था व काफी झुक चुका था। लोगों ने पूछताछ में बताया कि घर लक्ष्मीनारायण लडि़या का है, जिसमें नीचे और ऊपर के कमरे में लोग रहते थे। सोमवार सुबह घर में कोई नहीं था तभी भरभरा कर पहली मंजिल की छत नीचे आ गई। छत ढहने के बाद पुलिस ने घर में रहने वाले परिवार को बीएस जैन धर्मशाला में ठहराने का इंतजाम किया है।
मिट्टी की दीवार ढहने से घर धराशायी
उधर उपनगर मकरोनिया के सरदार वल्लभभाई पटेल वार्ड (रजाखेड़ी बजरिया) में रविवार और सोमवार को लगातार हुई बारिश के कारण दीवारों की मिट्टी बह जाने से गायत्री सक्सेना का कच्चा मकान धराशायी हो गया। टीन का छप्पर नीचे आने से महिला को घायल होने से बच गई लेकिन अंदर रखा पूरा सामान और खाद्य सामग्री पानी में भीगकर खराब हो गई।
सानौधा में भी वृद्धा का मकान गिरा
सानौधा में भी सोमवार को एक वृद्ध महिला का मकान गिर गया। ६५ वर्षीय वृद्धा रामनारानी साहू इस घर में अकेली रहती है। सुबह रामरानी पास के मंदिर गई थी तभी हल्की बरसात के बीच घर ढह गया जिससे अंदर रखा गृहस्थी का सामान और अनाज नष्ट हो गया। वृद्धा का मकान गिरने के लोगों ने मलबे में दबे सामान को बाहर निकालकर उसे सुरक्षित जगह पर पहुंचाया।
सुनार नदी उफनी
बीती रात से लगातार हो रही बारिश से रहली में सुनार नदी सहित आसपास के नदी नाले उफन गए। सुनार, देहार, व्यारमा, कोपरा, चौरई, कैथ, धसान, सुकाड़ सहित सभी नदी-नालों में पूर आने से कई ग्रामीण क्षेत्रों का आवागमन बंद रहा। नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने पर नपा ने सुरक्षा संबंधी मुनादी। ग्राम पंचायत रमखिरिया के सहजपुरी ग्राम में करीब एक माह पहले नदी पर घाट का निर्माण किया गया था जो पानी के बहाव में बह गया।
किशनपुरा में रेलवे अफसरों की अनदेखी के चलते मुसीबत हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 6 माह पूर्व सेमरा-लहरिया रेलवे फाटक के पास अंडरब्रिज बनाया गया था, जो बारिश के मौसम में मुसीबत बन गया है। दो दिन से लगातार हो रही बारिश से सेमरा लहरिया, खामखेड़ा, सेमरा चारखरा के लोगों का संपर्क टूटा है।
उधर, गौरझामर में लगातार बारिश से जगह-जगह पानी भर गया। और लोगों को परेशानियां हुईं।

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