पाठ्यक्रम बदलने के बाद राज्य पुस्तक मंडल की करोड़ों रुपए की किताबें रद्दी

Hamid Khan

Publish: Jun, 14 2018 04:18:25 PM (IST)

Sagar, Madhya Pradesh, India
पाठ्यक्रम बदलने के बाद राज्य पुस्तक मंडल की करोड़ों रुपए की किताबें रद्दी

पाठ्यक्रम बदलने के बाद राज्य पुस्तक मंडल की करोड़ों रुपए की किताबें रद्दी

सागर. एक ओर सरकारी स्कूल के शत-प्रतिशत बच्चों को पढ़ाई के लिए किताबें नसीब नहीं हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग के अधिकारी लापरवाही से सरकार को करोड़ों चपत लगाने में जुटे हैं।
दरअसल, पाठ्यक्रम बदलने के बाद राज्य पुस्तक मंडल की करोड़ों रुपए की किताबें रद्दी हो गई हैं। कक्षा ९वीं से १२वीं के नए पाठ्यक्रम के कारण पुरानी किताबों की देखरेख ही नहीं की जा रही है। ये किताबें पुराने केवी स्कूल (३) के जर्जर भवन में रख दी गई हैं। वहीं इनमें निचली कक्षाओं की कई ऐसी किताबें भी हैं, जिन्हें बच्चों को दोबारा पढ़ाई के लिए दिया जा सकता है, लेकिन अधिकारी ऐसा नहीं कर रहे हैं। दूसरा इतनी बड़ी मात्रा में कितने बचने से एक तथ्य यह भी सामने आ रहा है कि हर साल सभी बच्चों को किताबें नहीं बांटी जा रही हैं, क्योंकि यदि ऐसा होता तो किताबों की संख्या इतनी नहीं होती।
बारिश होते ही खराब हो जाएंगी
इस जर्जर भवन के करीब एक दर्जन कमरों में किताबें रखी हैं। अधिकारियों के अनुसार ये पिछले वर्ष किताबें हैं, साथ ही हर साल बचने वाली पुस्कतें भी यहां रखी हैं, लेकिन इनकी देखरेख के लिए किसी की तैनाती नहीं की गई है। अब यदि बारिश होती है तो करोड़ों की किताबें खराब होने का अंदेशा बना है। ब्लॉक में कक्षा ९वीं से १२वीं के १५ हजार से ज्यादा बच्चे दर्ज हैं। इनमें हिन्दी, अंग्रेजी और गणित की किताबें शामिल हैं। यदि इनका बाजार मूल्य देखें तो हर एक पुस्तक २० रुपए से अधिक की है।
हर साल बदल रहा पाठ्यक्रम
ज्ञातव्य है कि शिक्षा विभाग हर साल पाठ्यक्रम में बदलाव कर रहा है। पिछले साल से एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम को जोड़ा गया है। इस बार भी १०वीं-१२वीं में गणित और विज्ञान के पाठयक्रम को जोड़ा गया है। ऐसे में हर साल बची हुई किताबों का विभाग द्वारा कोई उपयोग
नहीं किया जा रहा है।
अभी नहीं मिलेगी गणित की पुस्तकें
१५ जून से फिर स्कूलों में बच्चे पढ़ाई के लिए पहुंचेंगे, लेकिन इन्हें किताबें नहीं मिलेंगी। कुल १ लाख ३८ हजार किताबें डिपो से आई हैं, इनमें से १ लाख ७२ पुस्तक जनशिक्षा केंद्रों पर स्कूलों में बंाटने के लिए पहुंचा दी हैं। अभी १५ हजार ६२४ किताबें वितरण के लिए शेष हैं। वहीं कक्षा छठवीं की गणित की किताबें अभी आई नहीं हैं।
इस वर्ष बच्चों को बांटेंगे
यह स्टॉक पिछले साल का ही है। इस वर्ष बच्चों को बांटी जाएंगी। नया स्टॉक शिक्षा सदन में रखवाया गया है।
मनोहर तिवारी, बीइओ

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