विवि में ऋषभ देव जैन शोधपीठ स्थापित होगी

उच्च शिक्षा के साथ अपने जीवन में संस्कारों को महत्व दें

By: रेशु जैन

Published: 07 Jan 2019, 06:01 AM IST

सागर. गणिनी आर्यिका ज्ञानमति माताजी के ससंघ सानिध्य में डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय सागर में आयोजित धर्मसभा में कुलपति प्रोफेसर आरपी तिवारी ने विश्वविद्यालय में ऋषभ देव जैन शोधपीठ स्थापना की घोषणा की। आज रविवार को अतिशय क्षेत्र मंगलगिरी से विहार कर आर्यिका विवि के कुलपति प्रो. तिवारी के आमंत्रण पर विवि पहुंची। जहां पर धर्म को जीवन का आधार बताते हुए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आर्यिका श्री ने कहा कि विवि का अर्थ केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं अपितु नैतिक जीवन संस्कार का एक महत्वपूर्ण केंद्र होता है, जहां से अपने जीवन में मानवता सीखने को अवसर मिलता है। उच्च शिक्षा प्राप्त करके अधिक पैसा कमाना और दुनिया में ऊंचाईयां हासिल करवाना विवि का लक्ष्य नहीं होता है। अपितु विवि का कर्तव्य है कि सर्वप्रथम विधार्थियों को नैतिक शिक्षा के साथ धर्म, सामाजिक समरस्ता, आपसी सौहाद्र और एक दूसरे की सम्मान करने की प्रेरणा दें। आर्यिका श्री ने कहा कि उच्च शिक्षा के साथ अपने जीवन में संस्कारों को महत्व देना चाहिए। भारतीय संस्कृ ति, सिद्धांत, धर्म को सुुरक्षित करने की जिम्मेवारी नई पीढ़ी की है। वर्तमान में पाश्चत संस्कृति के प्रभाव से हम और हमारी नई पीढी को भारतीय संस्कृति को नई भूलना चाहिए। इस अवसर विवि के कुलपति प्रो.तिवारी ने कहा कि जैन धर्म के सिद्धांत अत्यंत महान है जिनपर चलकर प्रत्येक मनुष्य अपने जीवन को सफल कर सकता है। अहिंसा परमोधर्म का सिद्धांत विश्वव्यापी है। इस अवसर पर उन्होंने विवि में ऋषभ देव जैन शोधपीठ की स्थापना की घोषणा की । साथ ही आर्यिका श्री की प्रेरणा से विवि में विश्व शांति अहिंसा सम्मेलन के आयोजन का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि समाज में अच्छाईयों के साथ पर्यावरण अच्छा रखने के लिए जैन धर्म में निहित बातों का उल्लेख किया गया है। जैन समाज से उनके तालुकात अध्ययन अध्यापन कार्य से ही रहे है और उनके पीएचडी के गाईड भी जैन थे। जैन धर्म के अनुसार सूर्यास्त के पूर्व की जाने वाली अंथऊ का वैज्ञानिक दृष्टिकोण बताया। इस अवसर पर आर्यिकाश्री को प्रो. तिवारी ने श्रीफल भेंट कर आर्शीवाद प्राप्त किया वहीं आर्यिका श्री ने कुलपति तिवारी को साहित्य भेंट किया। इस अवसर पर बुंदेलखंड जैन दिगंबर पंचायत सभा द्वारा आर्यिका श्री को सरस्वती की प्रतिमूर्ति की उपाधि से अलंकृत किया।

रेशु जैन Reporting
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