scriptRoop Chaudas today:Yamraj will be worshipped | रूप चौदस आज : घर-घर सजेंगी गृह-लक्ष्मी,यमराज की होगी पूजा | Patrika News

रूप चौदस आज : घर-घर सजेंगी गृह-लक्ष्मी,यमराज की होगी पूजा

रूप चौदस यानी रूप को निखारने का दिन। यह पर्व पांच दिवसीय दीपोत्सव के बीच में मनाए जाने वाला पर्व है। धरतेरस के अगले दिन चतुर्दशी पर यह पर्व मनाया जाता है।

सागर

Published: November 02, 2021 08:21:55 pm

सागर.रूप चौदस यानी रूप को निखारने का दिन। यह पर्व पांच दिवसीय दीपोत्सव के बीच में मनाए जाने वाला पर्व है। धरतेरस के अगले दिन चतुर्दशी पर यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन महिलाओं में सौंदर्य निखार को लेकर विशेष उत्साह रहता है। रूप चतुर्दशी का त्योहार बुधवार को मनाया जाएगा। इसे छोटी दिवाली और नरक चौदस भी कहा जाता है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रंगार कर धन व ऐश्वर्य की कामना के लिए चंद्रमा के दर्शन करती हैं।
रूप चौदस आज : घर-घर सजेंगी गृह-लक्ष्मी,यमराज की होगी पूजा
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एडवांस और ऑनलाइन बुकिंग भी
ब्यूटी पार्लर में रूप चौदस पर मिलने वाली भीड़ से बचने के लिए एडवांस और ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी दी जा रही है। हालात यह थे कि मंगलवार को भी ब्यूटी पार्लर पर महिलाओं की भीड़ रही। महिलाओं में फेशियल, क्लीन अप, वैक्स, हेयर स्पा, हेयर स्टाइल, हेयर स्ट्रेटिंग, हेयर कलरिंग, मेडिक्योर, पेडिक्योर, आईब्रो, मेकअप, वनडे हाइलाइटिंग का विशेष क्रेज रहता है। पार्लर संचालिका वसुधा जैन ने बताया कि रूप चौदस की बुकिंग कई महिलाओं की ओर से करीब तीन दिन पहले ही करा दी गई हैं। वैष्णवी ने बताया कि ब्यूटी पार्लर पर सौंदर्य निखार के लिए 500 से लेकर 3500 रुपए तक का पैकेज उपलब्ध कराया जा रहा है।
रूप चतुर्दशी का महत्व
पांच दिवसीय दीपोत्सव के बीच के पर्व रूप चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी या यम चतुर्दशी भी कहा जाता है। इस दिन यम पूजन किया जाता है तथा 14 दीपक जलाए जाते हैं। चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 3 नवंबर को सुबह 9.02 बजे होगी जो अगले दिन 4 नवंबर को सुबह 6.03 बजे तक रहेगी। तिथि के क्षय के बावजूद 3 नवंबर को चतुर्दशी के दिन होने वाले पूजन किया जा सकेगा। 3 नवंबर को हस्त नक्षत्र सुबह 9.58 बजे तक रहेगा। इसके बाद चित्रा नक्षत्र लगेगा। शाम को यमराज की प्रसन्नता के लिए दीपदान भी होगा। इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर नामक दैत्य का वध किया था। इसके चलते इसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है।

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