कांग्रेस-भाजपा में ही रहेगा मुख्य मुकाबला,जिताऊ चेहरे की दरकार

कांग्रेस-भाजपा में ही रहेगा मुख्य मुकाबला,जिताऊ चेहरे की दरकार

Samved Jain | Publish: Sep, 05 2018 11:50:25 AM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

दोनों को जिताऊ चेहरे की दरकार

सागर(अभिलाष तिवारी/शशिकांत ढिमोले). विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने टिकट वितरण को लेकर माथापच्ची शुरू हो गई है। सागर व नरयावली विस क्षेत्र में टिकट का टशन देखने को मिल रहा है। इन दोनों विधानसभाओं में दोनों दलों के प्रमुख नेताओं समेत युवा चेहरे भी टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। इसके अलावा आप पार्टी भी इन सीटों पर अपने प्रत्याशियों के चयन में लगी है। पिछले एक दशक में सागर सीट पर राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आया है। शहर की तस्वीर अभी भी जस की तस है। हालांकि स्मार्ट सिटी जैसी योजना को लेकर भाजपा के कर्णधार उम्मीद लगाए बैठे हैं। कांग्रेस इन्हीं योजनाओं की आधे-अधूरे कार्यों को लेकर मैदान में उतरने की रणनीति बना रही है।


सागर: पांच बार से भाजपा के कब्जे में
सा गर विस में वर्तमान विधायक शैलेंद्र जैन प्रबल दावेदार हैं। पार्टी के नए चेहरे भी दावा पेश कर रहे हैं। इधर कांग्रेस भी विस में काबिज होने के लिए लगातार सक्रिय है। वह भाजपा की घोषणाओं के बावजूद न होने वाले विकास कार्यों की बिना पर अपने आपको प्रस्तुत कर रही है। कांग्रेस की ओर से युवा चेहरे भी सामने आ रहे हैं।


2013 के वोट
भाजपा
शैलेंद्र जैन
64351
कांग्रेस
सुशील तिवारी
56128

 


ये हैं चार मुद्दे
लाखा बंजारा झील, डेयरी विस्थापन, राज्य स्तरीय विवि, ट्रैफिक व्यवस्था, पेयजल
भाजपा: मजबूत दावेदार
शैलेंद्र जैन- दो बार से विधायक, संगठन में पकड़।
सुशील तिवारी- कद्दावर छात्र नेता, पिछले चुनाव के प्रत्याशी
कांग्रेस: मजबूत दावेदार
प्रकाश जैन- वरिष्ठ नेता एवं उद्योगपति
संतोष पांडे- वरिष्ठ नेता, बस ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष

 


ये भी ठोक रहे ताल
मुकेश जैन ढाना- भाजश से पिछला चुनाव लड़ा, लगातार सक्रिय।
अनिल तिवारी- भाजपा में पकड़।
कांग्रेस- पुरुषोत्तम मुन्ना चौबे, अमित रामजी दुबे, अजय परमार।

 


जातिगत समीकरण
जैन, ब्राह्मण मतदाताओं की बहुलता होने से इन्हीं वर्ग से उम्मीदवारी की तय की जाती है। भाजपा पिछली पांच पंचवर्षीय से इसी फॉर्मूूले पर काम कर रही है।


चुनौतियां
भाजपा: जैन प्रत्याशी को लेकर अंतर्कलह
कांग्रेस: कोई बड़ा चेहरा नहीं। गुटबाजी। ऐन चुनाव के मौके पर जीतने के लिए आक्रामकता का अभाव।


विधायक की परफॉर्मेंस
विकास कार्यों का दावा, लेकिन ऐसा कोई बड़ा और बेहद उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं जिसे लेकर तीसरी बार जनता के बीच जा सकें।

जितना काम कांग्रेस ने 60 सालों में नहीं किया वह इन 25 वर्षों में देखने को मिला है। -प्रदीप राजौरिया, संभागीय मीडिया प्रभारी, भाजपा

 

नरयावली : किसी के लिए नहीं राह आसान

 


नरयावली विधानसभा क्षेत्र का अधिकांश भाग खेती और किसानों से जुड़ा है। प्राकृतिक आपदाओं और सूखे की चपेट में आए क्षेत्र के किसानों को अपने पक्ष में करना दोनों दलों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। लगभग तीन वर्ष पूर्व नगर पालिका बनने के बाद जो उम्मीदें यहां के मतदाताओं ने लगा रखीं थीं उन पर कोई खास प्रभाव नहीं दिखा है।


2013 के वोट
भाजपा
प्रदीप लारिया
69195
कांग्रेस
सुरेंद्र चौधरी
53149


ये हैं प्रमुख मुद्दे
बेतरतीब विकास, पेयजल, सड़क, अतिक्रमण, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत अन्य।
भाजपा: मजबूत दावेदार
प्रदीप लारिया- लगातार दो बार से विधायक, पूर्व महापौर।
नारायण प्रसाद कबीरपंथी- पूर्व विधायक, मंत्री दर्जा
संतोष रोहित- मकरोनिया नगर पालिका अध्यक्ष सुशीला रोहित के पति
इंदु चौधरी- लगातार सक्रिय, वरिष्ठ नेताओं में पैठ।
कांग्रेस: मजबूत दावेदार
सुरेंद्र चौधरी- पूर्व मंत्री व प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष।
माधवी चौधरी- वरिष्ठ नेत्री
शारदा खटीक- वरिष्ठ नेत्री
रेखा चौधरी- जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष
इनके भी नाम- आनंद तोमर, अवधेश तोमर, राजेश चौधरी के साथ ही धनसिंह अहिरवार।


जातिगत समीकरण
यह सीट एससी के लिए आरक्षित है। एससी/एसटी के मतदाता लगभग 34 प्रतिशत हैं। यही वोटर प्रत्याशियों की जीत-हार में अहम भूमिका निभाते हैं।


चुनौतियां
भाजपा में गुटबाजी भारी पड़ सकती है।
कांग्रेस में लगातार दो बार से हार। ऐसे में पार्टी में सबको साथ
लेकर चलना होगा।


विधायक की परफॉर्मेंस
विकास कार्यों के नाम पर लोगों में नाराजगी है। क्षेत्र का बेतरतीब विकास इसका गवाह है। दूसरे कार्यकाल में नगर पालिका का गठन हुआ।
भाजपा ने विकास के सपने तो दिखाए, लेकिन जनता जानती है कि कितना काम हुआ। -आशीष ज्योतिषी, प्रवक्ता कांग्रेस

 

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