आचार संहिता ने बढ़ाई पुलिस कार्रवाई की रफ्तार, दो-दो दशक पुराने बदमाश भी चढ़ रहे हत्थे

मकरोनिया पुलिस ने दो दिन के अंतराल में 22 और 4 साल पुराने वारंटियों को दबोचा

By: संजय शर्मा

Published: 04 Apr 2019, 07:02 AM IST

सागर. आचार संहिता लागू होते ही हरकत में आई पुलिस जिस तरह से फरार वारंटियों और आदतन-निगरानी बदमाशों की धरपकड़ में जुट गई है उससे अधिकारी भी हैरान है। थानों में सक्रिय पुलिस अब तक 22 सालों से फरार वारंटियों को भी खोजकर ला चुकी है जबकि इससे पहले तक थानों में इनके वारंट धूल खाते फाइलों में दफन थे। फरार और इनामी वारंटियों की गिरफ्तारी आचार संहिता लागू होने के बाद एकाएक बढ़ी और अब थाना स्तर पर पुलिसकर्मी वारंट तामील और गिरफ्तारी की होड़ में लग गए हैं। इससे रिकॉर्डशुदा बदमाशों में हड़कंप मच गया है। एसपी अमित सांघी के निर्देश पर शुरू हुए अभियान के तहत अब तक मोतीनगर पुलिस करीब 22 स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार कर चुकी है जबकि मकरोनिया ने 19 और गोपालगंज ने 52 को पकड़ा है।

मकरोनिया थाना पुलिस के नाम सबसे पुराने वारंटियों को खोज-खोजकर जेल पहुंचाने का भी रिकॉर्ड बनता जा रहा है। मकरोनिया पुलिस ने टीआइ शिशिरदास की सक्रियता के चलते 22 साल से छिपकर अलग-अलग स्थानों पर रहने वाले इनामी वारंटी को हाल ही में पकड़कर जेल पहुंचाया है। बुधवार को भी मकरोनिया पुलिस ने 14 साल से चोरी के प्रकरण में फरार विनोद उर्फ भूरा को राहतगढ़ बस स्टैंड क्षेत्र से दबोच लिया। सूचना लगते ही टीआइ के साथ पहुंचे एसआई अतुल, आरक्षक सुशील चौहान, अभिषेक ने करीब डेढ़ दशक बाद विनोद की पहचान पुख्ता की और फिर उसे पकड़ लिया। पुलिस की गिरफ्त में आते ही विनोद हड़बड़ा गया। राहतगढ़ के मरदानपुर निवासी विनोद राजपूत के खिलाफ चोरी सहित तीन प्रकणों के न्यायालय द्वारा स्थाई वारंट जारी हैं लेकिन वह ठिकाना बदलने से पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा था।

संजय शर्मा
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