कोरोना के कारण घटी मिठाई की बिक्री, पैकिंग वाली मिठाईयों की बिक्री ज्यादा

पिछले दिनों की अपेक्षा केवल तीस प्रतिशत व्यापार

By: anuj hazari

Published: 01 Aug 2020, 09:00 AM IST

बीना. कोरोना शुरू होने के बाद पहला बड़ा त्यौहार रक्षाबंधन सोमवार को है, जिसमें सबसे ज्यादा मिठाई की बिक्री होती है, लेकिन कोरोना के कारण बाजार में किसी भी मिठाई की दुकान पर पिछले बड़े त्योहार के मुकाबले केवल तीस प्रतिशत बिक्री ही बची है। जिसके कारण मिठाई दुकानदार भी इसे लेकर परेशान है। दुकानदारों को इन बड़े त्योहारों से ही सबसे ज्यादा आय होती है, जिससे वह दुकानदारी में होने वाले नफा नुकसान की भरपाई कर पाते हैं, लेकिन इस वर्ष ऐसा नहीं हो रहा है। यदि हम मावा से बनी मिठाईयों की बात करें तो सभी दुकानों पर इनकी बिक्री काफी कम है। लोग सबसे पहले कोरोना के कारण मिठाई बनाने में बरती गई स्वच्छता और काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी ले रहे हैं, ताकि राखी के त्योहार पर भाई का ऐसा मुंह मीठा न हो कि इसका खामियाजा भुगतना पड़े। वहीं दूसरी ओर दुकानों पर यह भी देखने के लिए मिल रहा है कि लोग पैकिंग वाली मिठाई, जिसमें सोनपापड़ी शामिल है, जिसकी डिमांड ज्यादा है। लोग उसमें भी यह देख रहे कि पैङ्क्षकग किस महीने की है। इससे पहले कभी भी लोगों को इस तरह से खाने पीने में जागरूकता देखने के लिए नहीं मिलती थी जो कोरोना ने लोगों को नई सीख दी है।
ट्रेनें व बसे बंद, बाहर से सिंथेटिक मावा नहीं आने से रहेगी शुद्धता
गिनी ट्रेनें चलने व बसों का आवागमन पूरी तरह से बंद होने से इस बार ग्वालियर, मुरैना की ओर से आने वाला सिंथेटिक नकली मावा नहीं आ पा रहा है, जिससे इस बार लोगों को शुद्ध मिठाई मिलने की उम्मीद है। भीड़भाड़ के चलते हर बार व्यापारी उसका फायदा उठाकर बड़ी मात्रा में नकली मावा का स्टाक करके उन्हीं की मिठाई ज्यादा बेचते थे, जिन्हें खाने से बीमार होने का खतरा भी बहुत रहता था। मिठाई दुकान चलाने वाले सोनू जैन, ओमसिंह ने बताया कि दूध की मिठाई ही बनाकर लोगों को बेच रहे हैं। किसी भी स्थिति में मिठाई बनाने और बेचने में नहीं गलती नहीं की जा रही है।

anuj hazari Reporting
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