स्कूल बसों का किराया 30 फीसदी बढ़ाने के फेर में फंसे अभिभावक

स्कूल बसों का किराया 30  फीसदी बढ़ाने के फेर में फंसे अभिभावक

Sanket Shrivastava | Publish: Jul, 14 2018 09:44:37 AM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

स्कूल बस यूनियन ने एक तरफा लिया निर्णय शहर में लगभग 250 स्कूल बस चल रही हैं

सागर. नए सत्र की शुरुआत के साथ स्कूल बस का ३० फीसदी किराया बढ़ाए जाने की खबर से अभिभावक परेशान हैं। स्कूल बस यूनियन ने बैठक करके यह एकतरफा निर्णय लिया है, हालांकि गेंद अभी भी प्रशासन के पाले में है। अभिभावक बढ़े हुए किराया का विरोध कर रहे हैं। उनके मुताबिक हर साल किराए में बढ़ोतरी हो रही है और स्कूल बसों में सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इसके अलावा जो किराया निर्धारित किया जाता है, वह नहीं लिया जाता है। इस मामले में स्कूल बस यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि चार साल से किराए में बढ़ोतरी नहीं हुई है। अब भी हमारे निर्णय के बाद प्रसाशन को किराए का निर्णय लेना है। इसके तहत तीन बैठक स्थगित कर दी गई हैं। दो साल से किराया बढ़ोतरी पर निर्णय नहीं हुआ है।
स्कूल बस किराया निर्धारण करने के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है, लेकिन पिछले तीन वर्षों से कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसलिए स्कूल बस यूनियन ने एकतरफा निर्णय लेते हुए किराया बढ़ा लिया है।
30 फीसदी बढ़ाएंगे
स्कूल बस यूनियन के सचिव गणेश प्रसाद नवरंग ने बताया कि किराया तय करने के लिए प्रशासन स्तर से बैठक आयोजित की जानी है, जिसे तीन बार स्थगित कर दिया है। ऐसे में अभिभावक और यूनियन के सदस्य दोनों परेशान हैं। यदि बैठक हो जाती है तो किराया में कुछ अंतर आ सकता है। उन्होंने बताया कि यूनियन ने 30 फीसदी बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया है। शहर के लगभग सभी स्कूल 6 से 7 किमी के दायरे में आते हैं। स्कूल बसों में किराया लगभग 700 रु. प्रति बच्चा लिया जाता है, जो बढ़कर १००० रु. तक हो जाएगा। 100 रु. पर 30 रु. की
वृद्धि होगी।
स्कूलों ने बढ़ा दिया किराया
शहर में जिन स्कूलों की स्वयं की बसें संचालित हो रही हैं वे पहले ही अभिभावकों से बढ़ा हुआ किराया वसूल रहे हैं। शहर की नामी बड़ी स्कूलों में बच्चों को लाने-लेजाने के लिए 900 से 1000 रुपए लिया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो ये स्कूल की फीस के साथ ही बस के किराए में बढ़ोत्तरी की गई है। जिससे अभिभावकों पर दोहरी मार पड़ रही है।
इसलिए बढ़ा रहे किराया 4 साल पहले खर्च वर्तमान
डीजल 48-50 72 -74
परमिट 750 1600
फिटनेस 500 1700
बीमा 12000 36000
ड्राइवर 2000 5000 (राशि रुपए में)
अभिभावक बोले, एक साथ न बढ़े किराया
- स्कूल बस के किराया पहले भी 50
और 100 रुपए बढ़ाया गया है, भले ही यूनियन इससे इनकार कर रही है लेकिन ऐसा नहीं है। एक साथ किराया बढऩे से हमारे ऊपर बोझ बढ़ेगा।
राजेश्वरी कोरी
- बस किराया को लेकर एकमत निर्णय
है। अभी किसी बच्चे से 600 तो किसी से 700 रुपए किराया लिया जा रहा है। हर साल बढ़ोतरी हो रही है। अब किराया नहीं बढऩा चाहिए।
स्वाति तामक्रार
- बसों में सुविधाओं के नाम पर कुछ
भी नहीं है, इसलिए शहर में पिछले वर्षों बस हादसे भी हुए हैं। कुछ स्कूल बसों में न तो जीपीएस और न ही स्पीड गवर्नर लगे हैं। इसके अलावा बसों में न तो सीट बेल्ट और न भी अन्य कोई सुविधा।
रानू यादव

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