शनि जयंती पर आज सजेगा फूल बंगला, महिलाएं रखेंगी वट सावृती व्रत

शनि अमावस्या के उपलक्ष्‌य में गुरुवार को दिनभर न्याय प्रिय देवता भगवान शनिदेव के मंदिरों में कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे। शनिदेव को तेल व तिल अर्पित करने कई भक्त पहुंचेंगे। शनिदेव की कृपा पाने के लिए जातक शनिदेव की आराधना कर तिल सहित अन्य वस्तुओं का दान करना फलदायी होगा।

By: Atul sharma

Updated: 09 Jun 2021, 10:28 PM IST

सागर.शनि अमावस्या के उपलक्ष्‌य में गुरुवार को दिनभर न्याय प्रिय देवता भगवान शनिदेव के मंदिरों में कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे। शनिदेव को तेल व तिल अर्पित करने कई भक्त पहुंचेंगे। शनिदेव की कृपा पाने के लिए जातक शनिदेव की आराधना कर तिल सहित अन्य वस्तुओं का दान करना फलदायी होगा। वहीं महिलाएं वट सावत्री का व्रत भी करेंगी।

कबूला पुल स्थित शनिदेव मंदिर में शनि जयंती के अवसर पर फूल बंगला और विशेष दर्शनों का आयोजन होगा। शैलेष केशरवानी न्याय के देवता शनिदेव की जयंति पर शनि मंदिर मे फूलो की विशेष सजावट की जाएगी । श्रद्धालु कोरोना गाइड लाइन के अनुसार सामाजिक दूरी के साथ और फेसबुक लाइव पर देख कर पुण्य लाभ अर्जित कर सकते हैं।

ज्‍येष्‍ठ की अमावस्‍या को हुआ था शनिदेव का जन्‍म
पं. नरेद्र शास्त्री ने बताया कि सूर्य पुत्र शनिदेव का जन्मोत्सव ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस दिन शनि देव की पूजा-अर्चना का विशेष फल मिलता है। शनि देव का असर मनुष्‍य के जीवन पर काफी गहरा होता है। इसलिए इनकी पूजा-अर्चना में विशेष सतर्कता की जरूरत होती है।

आज साल का पहला सूर्यग्रहण भी
गुरुवार को इस वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण इसी माह लगने वाला है, खास बात यह है कि इसी दिन सूर्य देव के पुत्र माने जाने वाले शनि देव का जन्मोत्सव भी है, ऐसे में ग्रहण के दिन सूर्य के साथ ही शनि देव का भी असर आम जनजीवन पर पड़ेगा। यह ग्रहण 10 जून को दोपहर 1.42 मिनिट से शुरू होकर शाम 6.41 मिनिट तक रहेगा। ग्रहण का अलग-अलग राशि के लोगों पर प्रभाव भी अलग-अलग पड़ेगा। यह ग्रहण वलय अर्थात रिंग के आकार में दिखेगा। यह ग्रहण उत्तरी अमेरिका के अलावा कुछ अन्‍य देशों में भी दिखेगा।

यहां नहीं लगेगा सूतक
पं. श्रवण मिश्रा ने बताया कि यह सूर्यग्रहण हमारे देश में दृश्‍य नहीं होगा। ग्रहण से जुड़े विधान के अनुसार सूतक वहीं लगता है, जहां ग्रहण दृश्‍य होता है। भारत में दृश्‍यता नहीं होने के कारण इसका सूतक भी नहीं लगेगा। सूतक वह समय है, जब शुभ कार्यों के अलावा पूजा-अर्चना, खाना-पीना आदि वर्जित रहता है। इस अवधि में व्रत रहकर भगवान के नाम का जाप शुभ फलदायी माना गया है।इस ग्रहण के कारण वृष राशि वाले लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य में दिक्‍कत, धन की हानि, बेकार का खर्च होने जैसे प्रभाव दिख सकते हैं। वृश्चिक राशि वाले लोगों के लिए ग्रहण शुभ रहेगा।

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