बीना को छोड़कर अन्य अस्पतालों में डॉक्टर पदस्थ करने के आदेश जारी, यहां हो रहे मरीज परेशान

ओपीडी में मरीजों की संख्या रहती है बहुत ज्यादा

बीना. सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते यहां मरीज परेशान हो रहे हैं, लेकिन डॉक्टरों की पदस्थापना नहीं की जा रही है। जबकि परिवीक्षा अवधि में दो साल के लिए देवरी, खुरई, जैसीनगर सहित अन्य अस्पतालों में डॉक्टर नियुक्त करने के आदेश जारी हुए है। बीना अस्पताल के लिए एक भी डॉक्टर नहीं मिला है।
सिविल अस्पताल की ओपीडी जिला अस्पताल बराबर होती है। यहां हर दिन ओपीडी 250 तक पहुंच जाती है और बीमारियों की सीजन में करीब 600 तक मरीजों की संख्या पहुंच जाती है। इसके बाद भी अस्पताल का 100 पलंग के अस्पताल में उन्नयन नहीं किया जा रहा है। वर्तमान में यह अस्पताल पचास पलंग है, लेकिन मरीज की संख्या ज्यादा है। यहां नियमानुसार दस डॉक्टरों की पदस्थापना होनी चाहिए, लेकिन अभी सिर्फ सात डॉक्टर ही अस्पताल में बचे हैं, जिससे व्यवस्थाएं गड़बड़ाती जा रही हैं। मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है और उन्हें रेफर कर दिया जाता है। यदि परिवीक्षा अवधि में दो वर्ष के लिए भी अस्पताल में डॉक्टर भेज दिए जाएं तो लोगों को राहत मिलेगी। सिविल अस्पताल सहित आसपास की प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी डॉक्टरों की कमी होने के बाद वहां डॉक्टर नहीं भेजे जा रहे हैं।
अन्य सुविधाओं में भी पिछड़ रहा अस्पताल
सिविल अस्पताल अन्य सुविधाओं में भी पिछड़ता जा रहा है। यहां न तो सोनोग्राफी की सुविधा महिलाओं को मिल पा रही है और न ही डिजीटल एक्स-रे की। यदि अस्पताल का उन्नयन होता है तो यह सुविधाएं भी मिलने लगेंगी, लेकिन इस ओर जनप्रतिनिधि और अधिकारियों का ध्यान नहीं है।
हमारे पास नहीं आया आदेश
देवरी, खुरई, जैसीनगर सहित अन्य अस्पतालों में डॉक्टर की पोस्टिंग संबंधी कोई भी आदेश मेरे पास नहीं आया है। अभी तक कोई नई पोस्टिंग भी नहीं हुई है। सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिख चुके हैं।
डॉ. एमएस सागर, सीएमएचओ, सागर
होनी चाहिए डॉक्टरों की पदस्थापना
सिविल अस्पताल में जिला अस्पताल के बराबर ओपीडी है। रेलवे जंक्शन, उद्योग और क्षेत्र के अनुसार डॉक्टरों की संख्या में बढऩी चाहिए, जिससे लोगों को इलाज मिल सके। कुछ दिनों पूर्व आए आदेश में छोटी-छोटी अस्पतालों में डॉक्टर भेजे जाने हैं, लेकिन बीना का नाम नहीं है।
मुकेश राय, बीना
मरीजों की संख्या के अनुसार नहीं हैं डॉक्टर
सिविल अस्पताल में जितनी संख्या में मरीज आते हैं उसके अनुसार डॉक्टर नहीं हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ के तबादला होने के बाद कोई नहीं आया है। अस्पताल में करीब पंद्रह डॉक्टरों की जरूरत है, जिससे लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
राकेश जैन, बीना
किया जाता है रेफर
अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते वहां से मरीजों को सिर्फ रेफर किया जा रहा है। इलाज के नाम पर सिर्फ प्राथमिक इलाज डॉक्टर करते हैं। कई बार डॉक्टर ओपीडी समय में नहीं मिलते हैं।
सचिन राय, बीना

sachendra tiwari
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