सिविल लाइन चौराहे पर ट्रैफिक की कमान होगी स्मार्ट मैनेजमेंट सिस्टम के पास

अब सिग्नल पर लगेंगे सेंसर जो ट्रैफिक के दबाव को देखकर लाल-हरी बत्ती की टाइमिंग बढ़ाते-घटाते रहेंगे

By: संजय शर्मा

Published: 10 Apr 2019, 07:00 AM IST

सागर. सिविल लाइन चौराहे को स्मार्ट बनाने की कवायद अंतत: शुरू हो गई। स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाने के लिए एजेंसी द्वारा चौराहे पर पहले चरण में ट्रैफिक नियंत्रित करने वाले सिग्नलों की शिफ्टिंग कराई जा रही है। चौराहे पर अभी सिग्नल ठीक सर्कल से सटकर लगे हैं। ऐसे में वाहन जब रुकते हैं वे चौराहे तक पहुंच जाते हैं और दूसरी ओर से आने वाले वाहनों को गुजरने में कठिनाई पैदा करते हैं। इस वजह से सिग्नलों को चारों रास्तों पर शिफ्ट किया जा रहा है ताकि वाहनों को चौराहे से कुछ मीटर पहले रोका जा सके।

पांच बिंदुओं में समझिए पूरी प्लानिंग -

1. शहर का सिविल लाइन चौराहा पहला चौराहा है जहां ट्रैफिक फ्लो सिग्नल से कंट्रोल होता है। लेकिन स्मार्ट सिटी के तहत इस चौराहे के सिस्टम को और भी आधुनिक बनाने की तैयारी है।
2.चौराहे पर स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाना है जो कि पूरी तरह ऑटोमैटिक होगा। सिग्नल पर सेंसर लगे होंगे जो ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए लाल-हरी बत्ती की टाइमिंग बढ़ाते-घटाते रहेंगे।

3.ट्रैफिक ज्यादा होगा तो सिग्नल की टाइमिंग बढ़ जाएगी ओर देर तक लाल बत्ती जलेगी जबकि वाहन कम होने पर यह टाइमिंग स्वत: ही घट जाएगी।
4. चौराहे से 500 मीटर के दायरे में सड़क पर खड़े वाहनों की पहचान भी स्मार्ट सिस्टम कर पाएगा, जिससे उनको वहां से हटाकर जुर्माना किया जा सके।

5. सिविल लाइन चौराहे के स्मार्ट मैनेजमेंट सिस्टम से लैस होने के बाद यहां से नियम की अनदेखी कर गुजरने वाले हर वाहन के नंबर को सिस्टम दर्ज कर उसके रजिस्टर्ड एड्रैस पर नोटिस पहुंचा देगा।

इसलिए जरूरी थी सिग्नलों की शिफ्टिंग -

चौराहे पर करीब सात साल पहले सिग्नल शुरू हुए थे, लेकिन तब इन्हें लगाने वाली एजेंसी द्वारा चारों रास्तों पर नापजोख में तकनीकी खामी कर दी थी। इसके कारण यूनिवर्सिटी की ओर से आने वाले वाहन सिग्नल पर रुकते तो वह चौराहे तक पहुंच जाते हैं। वहीं पीली कोठी की ओर मकरोनिया की ओर से आने वाले रास्ते पर सड़कों की चौड़ाई में असमानता के कारण वाहनों को घूमकर गुजरना होता था। मकरोनिया की ओर सिग्नल काफी पीछे लगे हैं जिससे वाहन बत्ती लाल होने पर भी रुकते-रुकते उससे दस फीट आगे पहुंच जाते हैं। इन्हीं तकनीकी त्रुटियों के चलते सिग्नलों को तीनों रास्तों की ओर कुछ मीटर शिफ्ट किया जाना तय किया गया है।

इन चौराहों को भी स्मार्ट बनाना है प्रस्तावित -

स्मार्ट सिटी के तहत सागर नगर निगम सीमा में सिविल लाइन चौराहे के अलावा मोतीनगर, सक्सेना चौराहा (वाणिज्यिक कर चौराहा) खुरई रोड-ओवर ब्रिज क्रॉसिंग पर सिग्नल लगाए जाने हैं। इसके अलावा मोतीनगर व सिविल लाइन चौराहे को सबसे पहले स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से लैस करने की तैयारी है। इसके लिए एजेंसी द्वारा इन चौराहों का स्थल परीक्षण भी किया जा चुका है। सिस्टम लगने और शुरू होने के बाद पुलिसकर्मी व एजेंसी के कर्मचारी कंट्रोल रूम में बैठकर जबकि अधिकारी इसका इनपुट अपने मोबाइल पर भी लेकर व्यवस्था की निगरानी कर सकेंगे।

वर्जन -
सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को नियंत्रित करने में स्मार्ट मैनेजमेंट सिस्टम कारगर साबित होंगे। एजेंसी ने काम शुरू कर दिया है। एक महीने में चौराहे पर आधुनिक तकनीक और स्मार्ट सिस्टम से यातायात संचालित होने का अनुमान है।

संजय खरे, डीएसपी ट्रैफिक, सागर

संजय शर्मा
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