इस मंदिर परिसर से नहीं ला सकते कोई सामान, ऐसा करने पर जाना पड़ता है वापस रखने

सोनचर गांव स्थित है महादेव घाट मंदिर की है मान्यता

By: sachendra tiwari

Published: 20 Feb 2021, 10:02 PM IST

बीना. पिपरासर पंचायत के सोनचर गांव में बेतवा नदी किनारे प्राचीन हजारिया महादेव मंदिर स्थापित है। यहां सैकड़ों वर्ष पुरानी हजारिया महादेव की मूर्ति है, जिसे औरंगजेब ने खंडित कर दिया था। यहां दर्शनों के लिए दूर-दूर से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं और यहां की कई मान्यताएं भी हैं।
महादेव घाट मंदिर पर प्राचीन शिवलिंग को औरंगेज ने खंडित किया था, जिससे वह टूटा हुआ है और वहां दूसरे हजारिया शिवलिंग की स्थापना कुछ वर्षों पूर्व की गई है और जब पुराने शिवलिंग का विसर्जन करने के लिए मूर्ति उठाने की कोशिश ग्रामीणों ने की तो उसे कई उठा नहीं पाया। गांव के ६३ वर्षीय इमरत ने बताया कि पूर्वज बताते थे कि यहां कि प्राचीन मूर्तियों को औरंगजेब ने तोड़ा था और आज भी कई मूर्तियां टूटी हुई पड़ी हैं। हजारियां शिवलिंग की मूर्ति भी टूटी हुई है, लेकिन विसर्जन करने उसे कोई उठा नहीं पाया और आज भी मंदिर में विराजित हैं। मंदिर परिसर में अन्य कई प्रतिमाएं टूटी पड़ी हैं।
सिंधिया परिवार ने भी बनवाया है मंदिर
महादेव घाट पर सिंधिया परिवार द्वारा वर्षों पूर्व शिवलिंग की स्थापना कर मंदिर बनवाया गया था और वह मंदिर आज भी है। पुजारी बेनीराम दुबे ने बताया कि पूजन करने के बदले जो वेतन आता है वह आज भी सिंधिया घराने से ही आता है। मुंगावली तहसील से यह वेतन मिलता है।
मंदिर परिसर से नहीं ला सकते कोई एक पत्ता
ग्रामीणों ने बताया कि यहां की यह मान्यता है कि मंदिर परिसर से यदि कोई लकड़ी या पत्ता भी उठाकर ले जाता है तो उसे वापस रखने के लिए आना पड़ता है, जो भी व्यक्ति यहां से सामान लेकर जाता है उसे स्वप्न में सर्प दिखते हैं या फिर घर में सर्प निकल आते हैं। साथ ही कई लोग बीमार भी पड़ जाते हैं। परिसर में जितने मंदिर हैं उनमें ताले नहीं लगते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि एक व्यक्ति मंदिर परिसर से बिल्ब पत्र लेकर गया था, जो बीमार पड़ गया था और उसे वापस आना पड़ा।
पहुंच मार्ग है खराब
पिपरासर से करीब ढाई किलोमीटर दूरी पर गांव बसा है, लेकिन रोड खराब होने से ग्रामीण और श्रद्धालु परेशान होते हैं। गांव में प्राथमिक स्कूल है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। इलाज के लिए ग्रामीणों को बीस से तीस किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।

sachendra tiwari Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned