सुपरवाइजर ने धमकाया, कहा- कमीशन तो तुम्हारा बाप भी देगा

वेतन न मिलने से आक्रोशित कर्मचारी गए हड़ताल पर

By: manish Dubesy

Published: 25 Apr 2018, 03:33 PM IST

सागर. शहर की बिजली व्यवस्था के सुचारू संचालन में बड़ा योगदान दे रहे आउटसोर्स कर्मी मंगलवार को हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों का आरोप था कि ठेकेदार मोहन कुशवाहा ने उन्हें अभी तक मार्च का वेतन नहीं दिया है। ठेकेदार हर बार कर्मचारियों से एक से डेढ़ हजार रुपए लेता है। ठेकेदार पर आरोप है कि इस बार जब सभी ४४ कर्मचारियों ने एकजुट होकर कमीशन देने से इनकार कर दिया तो ठेकेदार के सुपरवाइजर नीलेश पटेल ने धमकाते हुए कहा कि 'तुम्हारा तो बाप भी देगा कमीशनÓ।
कर्मचारियों ने बताया कि यही कारण था कि वे हड़ताल पर गए थे। हालांकि शहर संभाग के कार्यपालन अभियंता की समझाइश और आश्वासन पर दोपहर बाद सभी कर्मचारी वापस काम पर लौट आए।
शहर में वर्तमान में ४४ कर्मचारी आउटसोर्स पर काम कर रहे हैं और ये सभी ठेकेदार मोहन कुशवाहा ने लगाए हैं। कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें ६८०० रुपए के करीब वेतन निर्धारित है, लेकिन ठेकेदार हमारे खातों में तभी रुपए डालता है, जब कमीशन के एक से डेढ़ हजार रुपए उसके पास पहुंचा दिए जाते हैं।
ठेकेदारों पर नहीं लग रहा अंकुश
आउटसोर्स पर काम कर रहे कर्मचारी दो साल से लगातार शिकायत कर रहे हैं कि ठेकेदार उन्हें तय वेतन का भुगतान नहीं कर रहा है। यह शिकायत अकेले बिजली कंपनी में नहीं बल्कि कलेक्टर और श्रम विभाग में भी की जा चुकी है। शिकायतों में सबसे ज्यादा
ठेकेदार मोहन कुशवाहा का नाम सामने आया है। इसके बाद भी कुशवाहा को शहर के साथ अंचल में भी कमान सौंप दी गई है।
विवि के २२ पूर्व दैनिक वेतन कर्मी करेंगे अनशन
सागर. केंद्रीय विश्वविद्यालय के २२ कर्मचारियों ने आउट सोर्स एजेंसी की जगह सीधे कमिश्नर रेट पर नियुक्ति की मांग कुलपति से की है। कर्मचारियों ने कुलपति प्रो.आरपी तिवारी को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि पूर्व में वे दैनिक वेतन कर्मचारी के रूप में विभिन्न विभागों में कार्यरत थे। लेकिन कुछ माह पहले विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उन्हें सेवा से हटाकर आउट सोर्स एजेंसी को काम सौंप दिया गया है। इसके कारण वर्षों से काम करने वाले कर्मियों को विवि के विभाग से अलग कर आउट सोर्स एजेंसी द्वारा नियुक्त कम योग्यता वाले कर्मचारियों को रखा गया है, जबकि मेन पॉवर प्रक्रिया के तहत पूर्व से कार्यरत दैनिक वेतनकर्मियों को हटाने के संबंध में कोई प्रावधान नहीं है। छह माह से कार्य से पृथक कर्मचारियों ने अपनी परेशानियों से अवगत कराते हुए पुन: दैनिक वेतन कर्मी के रूप में कार्य पर नियुक्ति देने की मांग की है। कर्मचारियों ने एेसा न होने की स्थिति में अनशन शुरू करने की चेतावनी भी विवि प्रशासन को दी है।

manish Dubesy Desk
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