डेंगू के सीजन में स्वाइन फ्लू का कहर

स्वाइन फ्लू के कारण स्वास्थ्य विभाग व लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बीमार बच्चों को बाहर न भेजें। यदि बु

By: Rajesh Kumar Pandey

Published: 18 Aug 2017, 02:45 PM IST

सागर. एच-1 एन-1 वायरस अब घातक होता जा रहा है। हालत यह है कि डेंगू के इस सीजन में स्वाइन फ्लू का वायरस ज्यादा एक्टिव है। डेंगू के मामले जहां नगण्य हैं, वहीं स्वाइन फ्लू के अब तक शहर में पांच पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं। दो संदिग्ध हैं, इनकी लैब से रिपोर्ट आना शेष है। इधर, बढ़ती बीमारी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इसमें अभिभावकों से अपील की गई है कि यदि बच्चे बुखार या खांसी से पीडि़त हैं तो उन्हें स्कूल-कॉलेज न भेजें।
तत्काल चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार दिलाएं। बच्चों को सर्दी-खांसी आने पर रूमाल या टिशू पेपर का उपयोग करें।खांसने वाले से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखें। उसके कपड़ों का इस्तेमाल न करें। पीडि़त व्यक्ति इस बात का ध्यान रखे कि खाना खाते समय ही मुंह में हाथ लगाएं और किसी से हाथ न मिलाए। नाक, मुंह या आंखों का स्पर्श करने पर साबुन से हाथ धोएं। गर्म तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें। पौष्टिक भोजन करें। विटामिन-सी जैसे नीबू, आंवला, संतरा आदि का अधिक से अधिक सेवन करें।
सांस से जुड़ी यह बीमारी वायरस एच१-एन१ से होती है। २००९ और २०१० में जो स्वाइन फ्लू हुआ था, उसके मुकाबले वायरस का स्ट्रेन थोड़ा वीक हुआ है। इस वायरस में हर एक-दो साल में स्ट्रेन बदल जाता है।
मास्क पहनने की जरूरत सिर्फ उन्हें है, जिनमें फ्लू के लक्षण हों। भीड़ भरी जगह पर जाने से पहले सावधानी के लिए मास्क पहनें। स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सामान्य मास्क कारगर नहीं होता। इसलिए थ्री लेयर सर्जिकल मास्क का ही इस्तेमाल करें।
एच१-एन१ वायरस स्टील और प्लास्टिक में 24 से 48 घंटे, पकड़े और पेपर में 8 से 12 घंटे, टिशू पेपर में 15 मिनट और हाथों में 30 मिनट तक एक्टिव रहते हैं। इसे खत्म करने के लिए डिटर्जेंट, ब्लीच या साबुन का इस्तेमाल किया जा सकता है। किसी भी मरीज में बीमारी के लक्षण इंफेक्शन के बाद 1 से 7 दिन में आ सकते हैं।
मेडिकल डीन डॉ. जीएस पटेल का कहना है कि स्वाइन फ्लू का नेचर बदला नहीं है, लेकिन यह वायरस अमूमन जनवरी माह में सक्रिय होता है। इस बार यह जल्दी एक्टिव हो गया है। तुरंत उपचार ही बचाव का तरीका है।
सीएमएचओ डॉ. इंद्राज सिंह का कहना है कि वैसे तो यह मौसम डेंगू का है लेकिन स्ट्रेन चेंज होने से यह जल्दी सक्रिय हो गया। दूसरे प्रदेशों में वायरस तेजी से फैल रहा है। संभवत: यह वहीं से हमारे यहां आया है।

Rajesh Kumar Pandey Desk
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