प्रदेश में सत्ता से हाथ धो बैठी भाजपा लोस चुनाव में जीत के लिए फूंक-फूंक कर रख रही कदम

सागर लोकसभा में प्रत्याशी चयन के लिए सर्वे कर रही पार्टी, इसी आधार पर दिया जाएगा टिकिट, सिर्फ जीतना है मकसद, इसलिए बाहरी भी हो सकता प्रत्याशी।

सागर. प्रदेश की सत्ता से हाथ धो बैठी भाजपा लोकसभा चुनाव में कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती, इस लिए चुनाव में जिताऊ प्रत्याशी की तलाश में वह फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है। प्रत्याशी चयन को लेकर पार्टी ने सर्वे शुरु किया है। कार्यकर्ता की क्षेत्र में छवि, पहचान, व्यवहार, राजनीतिक अनुभव और कार्यकर्ताओं की पसंद जैसे बिंदु सर्वे में शामिल किए गए हैं। पार्टी के भरोसेमंद सूत्र बता रहे हैं कि, पार्टी का सिर्फ एक ही मकसद है चुनाव जीतना, इसके लिए यदि बाहर का प्रत्याशी लाना पड़ा तो वह गरेज नहीं करेगी।

वर्तमान में 8 में से 7 विस में काबिज है भाजपा

सागर लोकसभा क्षेत्र के दायरे में सागर जिले की पांच व विदिशा जिले की तीन विधानसभाएं शुमार हैं। हालांकि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों इन आंठो विधानसभाओं में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन कर 7 विधानक्षेत्रों में विजयी परचम फहराया है। पिछले लोकसभा चुनाव 2014 में मोदी लहर के चलते भाजपा ने भारी बहुमत हासिल किया था। इस बार कोई लहर दिखाई नहीं दे रही, संभवत: यही वजह रही कि 2018 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सत्ता से भाजपा हाथ धो बैठी। मुद्दों पर लड़े जाने वाले लोस चुनाव में भाजपा को चुनौति मिलेगी, लिहाजा भाजपा के शीर्ष नेता सिर्फ जिताऊ प्रत्याशी को तलाशने की रणनीति पर चल रहे हैं। जीतने वाला चेहरा तलाशनें के लिए पार्टी ने सर्वे शुरु किया है। इस सर्वे में जीतने की योग्यता रखने वाले बिंदु शामिल किए गए हैं।

यह बिंदु हैं शामिल

पार्टी सूत्रों के मुताबिक सर्वे में जो बिंदु शामिल किए गए हैं उनमें टिकिट के दावेदार की लोसक्षेत्र के सभी विधानसभाओं में स्वच्छा छवि होना चाहिए। उसकी पहचान और लोकप्रियता के साथ ही जनता के साथ सीधा संवाद जरुरी है। व्यवहार कुशलता और क्षेत्रीय राजनीति का अनुभव के साथ ही पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की पसंद भी सर्वे के बिंदुओं में शामिल हैं।

बाहरी से भी गुरेज नहीं करेगी भाजपा

राजनीति की नब्ज टटोलने वाले इस बार के लोस चुनाव में भाजपा को कांग्रेस सहित अन्य दलों से कड़ी चुनौति मिलना बता रहे हैं। इस वजह से पार्टी कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती। कहा जा रहा कि चुनाव में भाजपा कोई बाहरी प्रत्याशी पर भी दांव लगा सकती है। इस पर पार्टी के नेता अभी से मंथन में जुटे हैं। सर्वे रिपोर्ट के बाद इस पर फैसला हो सकता है।

 

शशिकांत धिमोले Reporting
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