करोड़ों खर्च कर बनाए गए शौचालय, ग्रामीण नहीं कर रहे उपायोग

स्वच्छ भारत का सपना नहीं हो पा रहा पूरा, खुले में जा रहे शौच

By: sachendra tiwari

Published: 20 Nov 2020, 09:13 PM IST

बीना. स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों रुपए खर्च कर शौचालयों का निर्माण कराया गया है, लेकिन ग्रामीण इसका उपयोग नहीं करते हैं और खुले में ही शौच जा रहे हैं। शौचालयों में कहीं कबाड़ भर दिया गया है तो कहीं क्षतिग्रस्त होने लगे हैं।
योजना के तहत शौचालय निर्माण के लिए ग्रामों में प्रत्येक परिवार को 12 हजार रुपए की राशि दी गई थी, जिससे लोग खुले में शौच न जाएं और गंदगी न फैले। घरों में शौचालयों का निर्माण भी किया गया है, लेकिन लोग शौचालयों का उपयोग लकड़ी, भूसा, कंडा रखने में कर रहे हैं या फिर शौचालय जर्जर होने लगे हैं। शौचालय बनवाने के बाद पंचायतों द्वारा भी यह ध्यान नहीं दिया जा रहा है और न ही लोगों को खुले में शौच जाने से रोका जा रहा है। अभियान की शुरुआत में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए गए थे और शौचालय उपयोग करने के लिए प्रेरित भी किया गया था। लोग भी स्वच्छता को लेकर जागरूक नहीं हो रहे हैं।
निर्माण के समय नहीं दिया गुणवत्ता का ध्यान
शौचालय का निर्माण कराते समय गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया गया और सिर्फ नाम के लिए शौचालयों का निर्माण करा दिया गया है, जिससे कुछ दिनों बाद अधिकांश शौचालय बिना उपयोग के ही गिर जाएंगे। जो जागरूक हितग्राही थे उन्होंने शौचालय का निर्माण अच्छे से कराया है।
ओडीएफ हो चुके हैं गांव
वर्ष 2018 के अंत तक जागरूकता अभियान चलाया गया था। इसके बाद सभी पंचायत ओडीएफ घोषित कर दी गईं और फिर इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। ओडीएफ पंचायतों में आज भी लोग खुले में शौच जा रहे हैं।
लोगों की सहभागिता जरूरी
पंचायतें ओडीएफ होने के पहले तक जागरूकता अभियान चलाकर चालान भी काटे गए थे और लोगों ने खुले में शौच जाना बंद कर दिया था। यदि लोग खुले में शौच जा रहे हैं तो लोगों को जागरूक करने प्रयास किए जाएंगे। खुले में शौच मुक्त गांव तभी हो सकते हैं जब इसमें लोगों की सहभागिता होगी।
आशीष जोशी, सीइओ, बीना

sachendra tiwari Reporting
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