VIDEO : पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़े की नहीं रहेगी गुंजाइश, अपनाया जाएगा यह हाईटेक तरीका

Sanjay Sharma

Publish: Dec, 08 2017 01:25:55 (IST)

Sagar, Madhya Pradesh, India

प्रभारी आईजी ने बहेरिया में लिया तैयारियों का जायजा

सागर. आरक्षक भर्ती के तहत गुरुवार को अधिकारियों ने १० से २२ दिसंबर के बीच होने वाले शारीरिक दक्षता परीक्षण की तैयारियों का मुआयना किया। अभ्यर्थियों द्वारा दौड़ पूरी करने के समय को लेकर पक्षपात के आरोप न लगाए जा सकें इसके लिए उनको चेस्ट नंबर के साथ एक चिप लगाकर ट्रैक पर उतारा जाएगा जो दौड़ पूरी करने का अधिकृत समय बताएगी।

भर्ती प्रक्रिया के प्रभारी आईजी आशुतोष राय कमेटियों के पदाधिकारियों को लेकर बहेरिया स्थित इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचे और व्यवस्थाओं की समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिए। अधिकारियों से चर्चा के बाद उन्होंने शारीरिक दक्षता परीक्षण के लिए कराई जाने वाली दौड़, लंबी-ऊंची कूद और अन्य गतिविधियों के लिए कॉलेज ग्राउंड पर जुटाई जा रही व्यवस्थाओं को भी मौके पर पहुंचकर देखा।

परीक्षण के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में पुलिस अधिकारियों द्वारा 800 मीटर रेस के लिए ट्रैक तैयार कराया गया है। गोला फेंक और ऊंची-लंबी कूद के लिए भी जगह तैयार की गई है। पुलिस मुख्यालय ने पारदर्शिता के लिए भर्ती प्रक्रिया के लिए हैदराबाद की निजी एजेंसी से अनुबंध किया है। एजेंसी अभ्यर्थियों के चेस्ट नंबर के साथ चिप लगाएगी जिससे दौड़ का सही समय पता लग सकेगा। आरक्षक भर्ती में शामिल अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता का परीक्षण 10 दिसम्बर से प्रतिदिन सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे के बीच किया जाएगा। इस प्रक्रिया को पास करने वाले अभ्यार्थियों का सत्यापन भी किया जाएगा। मुख्य परीक्षा और शारीरिक परीक्षण में पास अभ्यर्थी ही चयनित कर आगे भेजे जाएंगे।
अभ्यर्थी सागर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या मकरोनिया रेलवे स्टेशन से चैम्पियन व ऑटो रिक्शा से बहेरिया में इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस तक पहुंच सकेंगे। 12 दिन में कुल 7500 उम्मीदवार परीक्षण के लिए पहुंचेंगे।

तीन समितियां करेंगी निगरानी
आरक्षक भर्ती परीक्षा पास कर चुके अभ्यार्थी शारीरिक दक्षता परीक्षण के 10 से 22 दिसम्बर के बीच इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर पर बुलाए गए हैं। सभी को शारीरिक दक्षता परीक्षण के लिए अलग-अलग तारीख भी जारी की गई है। इस परीक्षण प्रक्रिया के संचालन के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर पर तीन कमेटियों का गठन किया गया है। दस्तावेज परीक्षण, शारीरिक परीक्षण व मुख्य परीक्षा की कमेटी के सदस्य इन 12 दिनों में आयोजन स्थल पर तैनात रहेंगे।

पारदर्शिता के लिए इंतजाम
भर्ती प्रक्रिया के दौरान लगने वाले आरोपों से बचने के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा कई स्तर पर निगरानी की व्यवस्था की गई है। मुख्य परीक्षा पास करने के बाद शारीरिक परीक्षण के लिए आने वाले अभ्यार्थियों को यहां भी अधिकारियों नजरों से होकर गुजरना होगा। किसी तरह का पक्षपात न हो इसके लिए प्रभारी आईजी आशुतोष राय के निर्देशन में तीन-तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर उन्हें मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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