जेपी की जमीन का सीमांकन करने पहुंची टीम, ग्रामीणों ने किया विरोध

कलेक्टर के यहां आवेदन देने की बाद किया जा रहा है सीमांकन

By: sachendra tiwari

Published: 26 Nov 2020, 08:49 PM IST

बीना. जेपी प्रबंधन द्वारा कलेक्टर के यहां आवेदन देकर ग्राम जौध में सीमांकन कराने की मांग की गई थी। इसके बाद गुरुवार को जिले से सीमांकन दल जीएसएम मशीन के साथ मौके पर पहुंचा था, लेकिन ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद तहसीलदार संजय जैन, थाना प्रभारी भानगढ़ गौरव तिवारी द्वारा समझाइश दी गई और इसके बाद सीमांकन कार्य कराया जा सका।
तहसीलदार ने बताया कि जेपी प्रबंधन द्वारा आवेदन दिया गया था कि उनके प्लांट की जमीन की सीमा मिटा दी गई हैं और तार फेंसिंग भी तोड़ी है। सीमा तय कराने के लिए सीमांकन की मांग की गई थी। गुरुवार को जिले से आए सीमांकन दल ने जैसे ही अपनी कार्रवाई शुरू की तो ग्रामीणों ने वहां पहुंचकर विरोध जताना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि उनकी जमीन चली गई है, लेकिन परिवार के सदस्यों को नौकरी नहीं मिली है और वह सीमांकन नहीं होने देंगे। पहले उनकी मांगें पूरी की जाएं इसके बाद कोई कार्य किया जाएगा। तहसीलदार द्वारा ग्रामीणों को समझाइश दी गई कि जिले से टीम आई है और सीमांकन हो जाने के बाद ग्रामीणों की समस्याएं भी हल कराई जाएंगी। समझाइश के बाद ग्रामीणों ने सीमांकन करने दिया। तहसीलदार ने बताया कि दो भागों में सीमांकन होता है पहले भाग में पॉइंट उठाए जाते हैं और दूसरे में सीमाएं नापी जाती हैं। पहले भाग का कार्य पूरा हो चुका है। जिले से सीमांकन दल में राजस्व निरीक्षक शिवराम चढ़ार, योगेन्द्र चौधरी, पटवारी जैसीनगर राकेश शर्मा शामिल थे। वहीं बीना से पटवारी अवधकिशोर पांडे, मुन्नालाल अहिरवार, संदीप श्रीवास्तव उपस्थित थे। गौरतलब है कि किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन लेते समय जो वादा किया गया था कि उनके परिवार से एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी वह वादा पूरा नहीं किया गया है। कई किसानों के परिवार को नौकरी नहीं मिल पाई है। इसके लिए किसानों द्वारा कई ज्ञापन भी सौंपे जा चुके हैं।

sachendra tiwari Reporting
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