तो खतरों को कम किया जा सकता है

प्राकृतिक आपदा के समय समन्वय बनाकर कार्य करें , कलेक्टर समेत अन्य जिला अधिकारियों को दिया एनडीआरएफ ने आपदा प्रबंधंन का प्रशिक्षण

सागर. जिले में प्राकृतिक आपदा आए जाए तो जिला प्रशासन कैसे बचाव कार्य कर सकता है और उससे होने वाले नुकसार का कैसे कम किया जा सकता है। आपदा से निबटने के लिए सोमवार को एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन दल) ने कलेक्टर समेत जिले के अधिकारियों को आपदा प्रबंधंन का प्रशिक्षण दिया। कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में पॉवर प्वाईंट प्रजेंटेशन के माध्यम से एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि भारत में आपदा प्रबंधन योजना तथा इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम पर तेज गति से कार्य हो रहा है। आपदा के दौरान किस प्रकार अलग-अलग विभाग मिलकर आपसी समन्वय से किसी भी प्रकार की आपदा में होने वाले खतरे को कम कर सकते हैं। उन्होंने आपदा के दौरान स्थानीय लोगों का सहयोग, प्राथमिक उपचार, बाढ़ से पहले बाढ़ के दौरान और बाढ़ के बाद बरती जाने वाली सावधानियों एवं बचाव के बारे में विस्तार से जानकारियां दी। इसी प्रकार भूकंप के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के विषय में भी जानकारी दी। पॉवर प्वाइंट प्रजेन्टेशन के द्वारा आपदा प्रबंधन की बारीकियों को समझाया।

इस अवसर पर कलेक्टर प्रीति मैथिल नायक, अपर कलेक्टर मूलचंद वर्मा, जिला पंचायत सीईओ सीएस शुक्ला, विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी सहित एनडीआरएफ की टीम के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

शशिकांत धिमोले Reporting
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