समर्थन मूल्य के पंजीयन से वंचित है हजारों की संख्या में किसान

लहसुन, प्याज फसल के पंजीयन नहीं हुए

By: vishnu soni

Published: 10 Mar 2019, 10:02 AM IST

देवरीकला. समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना, मसूर के लिए हजारों की संख्या में किसान पंजीयन कराने से वंचित रह गए। सहकारी समितियों में किसान पंजीयन की अंतिम तारीख 9 मार्च निर्धारित की गई थी । लेकिन अंतिम दिन सर्वर डाउन रहने के कारण पंजीयन कार्य सबसे अधिक प्रभावित रहा वहीं देवरी नगर में दिनभर बिजली गुल रहने से कंप्यूटर बंद रहे जिस कारण किसान अपना पंजीयन नहीं करा पाए हैं।

ग्रामीण अंचलों में सहकारी समितियों के कार्यालयों में सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान अपने अपने कागज लेकर पंजीयन के लिए परेशान होते रहे क्योंकि पंजीयन पोर्टल नेट सर्वर ना मिलने के कारण घंटो बाद 1 या दो फार्म फीड हो सके।किसानों ने सरकार से मांग की है कि फसलों के समर्थन मूल्य खरीदी के लिए पंजीयन की तारीख बढ़ाई जाए ताकि कोई भी किसान पंजीयन कराने से वंचित ना रह पाए। किसानों ने बताया कि इस बार गेहूं चना और मसूर की बंपर फसल है और अधिक उत्पादन आने की उम्मीद से किसान अपनी फसल का उचित दाम पाने के लिए बड़ी संख्या में पंजीयन करा रहा है। लेकिन पोर्टल के सर्वर डाउन रहने के कारण किसानों के पंजीयन नहीं हो पाए हैं।
लहसुन, प्याज फसल के पंजीयन नहीं हुए
किसानों की हितैषी प्रचारित करने वाली कमलनाथ सरकार ने इस साल लहसुन और प्याज भावंतर में शामिल करने की घोषणा नहीं की है इसी वजह से दोनों मसाला फसलों के पंजीयन इस वर्ष नहीं हुए हैं। किसान अभय जैन एवं वीरेंद्र चौरसिया ने बताया कि किसानों ने इस बार प्याज की सबसे अधिक फसल लगाई है लेकिन उन्हें प्याज का लागत मूल्य नहीं मिल पा रहा है अत्यधिक कमजोर रेट होने के कारण पर आज माटी मोल बिक रही है ऐसी स्थिति में सरकार को प्याज और लहसुन की की खरीदी भावंतर के माध्यम से करना चाहिए यदि सरकार ने प्याज और लहसुन उत्पादक किसानों के प्रति संवेदनशीलता नहीं बरती तो हजारों की संख्या में देवरी क्षेत्र का किसान कंगाल हो जाएगा और कर्ज के बोझ में लग जाएगा उन्होंने मांग की है कि जल्दी भावंतर में प्याज और लहसुन के पंजीयन की शुरुआत की जाए।

vishnu soni Reporting
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