बीएमसी के तीन डॉक्टर दोबारा निकले कोरोना पॉजिटिव, एक के शरीर मे एंटी बॉडी होने के बाद भी आए चपेट में

- बीएमसी के एनेस्थीसिया विभाग मेंं पदस्थ सह प्राध्यापक के शरीर मे एंटी बॉडी टाइटर थी 70 प्रतिशत, सागर में पहली बार तीन डॉक्टरों निकले कोरोना पॉजिटिव

सागर. बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में तैनात 3 डॉक्टरों के दोबारा संक्रमित होने का मामला सामने आया है। इनमें से एक एनेस्थीसिया विभाग में पदस्थ सहायक प्राध्यापक और दो मेडिकल ऑफिसर हैं। खासबात यह है कि एनेस्थीसिया विभाग के सह प्राध्यापक ने हाल ही में एंटीबॉडी टेस्ट भी कराया था, जिसमें उनके अंदर एंटीबॉडी 70 मिली थी। इसके बाद भी डॉक्टर के संक्रमित होने से विशेषज्ञ भी हैरान है। इधर, तीन डॉक्टरों के कोरोना संक्रमित मिलने से बीएमसी के डॉक्टरों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

जानकारी के मुताबिक एनेस्थीसिया विभाग के सह प्राध्यापक सत्येंद्र उइके के 15 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव निकले थे। हाल ही में उन्हें सांंस लेने में तकलीफ और तेज बुखार की शिकायत थी। उनकेे द्वारा आरटीपीसीआर टेस्ट कराया था। शुक्रवार को रिपोर्ट पॉजिटिव निकली है। बता दें कि डॉ उइके कोरोना आइसीयू में ड्यूटी कर रहे थे।

-एआइबी भेजे जाएंगे सैम्पल

एंटीबॉडी होने के बाद भी डॉ उइके के संक्रमित होने से विशेषज्ञ अब वायरस के नेचर को जानने की कोशिश में है। बताया जाता है कि वायरस का नेचर जानने के लिए डॉक्टर के सैम्पल एनआईबी भेजे जा रहे हैं। विशेषज्ञों को आशंका है कि पहले डॉक्टर जिस वायरस से संक्रमित हुए थे। उसका नेचर एस या डब्लू होगा, लेकिन यह वायरस का कोई तीसरा प्रकार है।

-ये दो मेडिकल ऑफिसर निकले संक्रमित

मेडिकल कॉलेज में दो मेडिकल ऑफिसर भी दूसरी बार कोरोना की चपेट में आए हैं। ठीक होने के बाद वे वापस ड्यूटी कर रहे थे। इनमें डॉ सुलभ जैन भी शामिल हैं, जो सितंबर महीने में रीवा में कोरोना संक्रमित निकले थे और 3 महीने बाद फिर से वे संक्रमण की चपेट में आए। वही अन्य मेडिकल ऑफिसर डॉ पलाश सितंबर माह में पॉजिटिव निकले थे। शुक्रवार को दोबारा उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

-इंग्लैंड में इस तरह के वायरस से दोबारा निकल रहे संक्रमित
नार्मल एंटी बॉडी का टाइटर 10 होता है, लेकिन डॉ उइके में 70 था। इतनी एंटीबॉडी होने के बावजूद दोबारा संक्रमित होना हैरान करने वाला है। इस तरह के मामले इंग्लैंड में सामने आए हैं। वायरस का नेचर जानने के लिए सैम्पल जांच के लिए एआइबी भेजे जा रहे हैं।

डॉ सुमित रावत, लैब प्रभारी वायरोलॉजी लैब

आकाश तिवारी
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