सुधार गृह से भागे तीन किशोर, ऐसे रची साजिश

सुधार गृह से भागे तीन किशोर, ऐसे रची साजिश
Three teenagers run into the wall of the reform home

Manish Kumar Dubey | Updated: 23 Aug 2019, 05:07:02 PM (IST) Sagar, Sagar, Madhya Pradesh, India

सुधार गृह की दीवार में छेद करके भागे तीन किशोर

जिम्मेदारों को नहीं लगी खबर: अव्यवस्था के चलते पहले भी सुधार गृह से भागते रहे हैं किशोर
बलात्कार और चोरी जैसे अपराधों में लिप्त हैं तीनों
सागर. एक बार फिर बाल सुधार गृह के सुरक्षा व निगरानी के इंतजाम सवालों के घेरे में हैं। गुरुवार सुबह तीन किशोर निर्माणाधीन बाथरूम की दीवार में छेद करके भाग निकले। वे हत्या के प्रयास, बलात्कार और चोरी जैसे अपराधों में लिप्त हैं। उधर सुधार गृह अधीक्षक बच्चों के भागने के पुराने मामलों की तरह इस बार भी अपने चैंबर में मीटिंग के बहाने दिनभर व्यस्त रहीं। वहीं निगरानी में होमगार्ड जवानों की असफलता पर जिला कमांडेंट ने पल्ला झाड़ लिया है। जबकि सुधार गृह प्रबंधन ने सिविल लाइन थाने को एक पत्र भेजकर पल्ला झाड़ लिया है। जिसके बाद पुलिस भागने वाले किशोरों की तलाश कर रही है। राजघाट रोड स्थित बाल सुधार गृह से गुरुवार सुबह करीब ८ बजे विभिन्न अपराधों में लिप्त तीन किशोर भाग गए। तीनों ने भागने के लिए निर्माणाधीन बाथरूम का सहारा लिया और बाहरी परकोटे में सेंध लगाकर बाहर निकले थे। लेकिन उनके भागने का पता न तो वहां तैनात तीन होमगार्ड के सुरक्षा जवानों को लगा न कार्यरत कर्मचारियों को। कुछ देर बाद बच्चे कम दिखने पर वहां हड़कंप मच गया। सुधार गृह से बच्चों के गायब होने की सूचना सिविल लाइन थाने को एक चि_ी भेजकर दी गई। सुधार गृह के सुधार गृह के नाकाफी इंतजामों का फायदा उठाकर भागने वाले तीनों किशोरों के विरुद्ध पुलिस थानों में प्रकरण पंजीबद्ध हैं। सागर के कैंट क्षेत्र के किशोर पर हत्या के प्रयास का अपराध दर्ज है जबकि बहेरिया खुद निवासी किशोर को अपहरण और बलात्कार के मामले में सुधार गृह में रखा जा रहा था। वहीं विदिशा के लक्ष्मीनगर के रहने वाला किशोर चोरी के प्रकरण में लिप्त मिलने पर यहां भेजा गया था। पुलिस उनके घर खबर देने के साथ-साथ आसपास व अन्य संभावित ठिकानों पर भी तलाश की जा
रही है।
अधीक्षक ने साधी चुप्पी, होमगार्ड कमांडेंट ने झाड़ा पल्ला
बाल सुधार गृह की सुरक्षा में तैनात सैनिकों को लंबे अरसे से नहीं बदला गया था। बच्चों की सुरक्षा व चौकसी में तैनात जवानों की असफलता पर कमांडेंट संतोष शर्मा का कहना था सुधार गृह की सारी व्यवस्था अधीक्षक द्वारा संचालित होती है। उधर अधीक्षक राजेश्वरी श्रीवास्तव बाल सुधार गृह के बाहरी गेट पर ताला लगवाकर अपने चैंबर में बैठी रहीं। वे मीडिया के सवालों का जवाब देने से कतराती रहीं और मोबाइल भी रिसीव नहीं किया।
पुलिस लगातार खोज कर रही है
&सुधार गृह की सुरक्षा, बच्चों की चौकसी पुलिस का विषय नहीं है, लेकिन बच्चों की तलाश कर उन्हें सुधार गृह पहुंचाने के लिए पुलिस लगातार खोज कर रही है।
अमित सांघी, एसपी

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