प्रकृति का कहर देख सहमे लोग, एक दर्जन पेड़ जमींदोज, छप्पर उड़े, बिजली गुल

बिजली के तार टूट गए और विशाल वृक्षों के नीचे पुलिसकर्मियों के करीब दर्जन भर वाहन और कुछ सरकारी आवास दबकर क्षतिग्रस्त हो गए।

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Published: 07 Jun 2018, 06:48 PM IST

सागर. पुलिस लाइन बुधवार शाम हवा के तेज तूफान की चपेट में आ गया। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि दशकों पुराने एक दर्जन वृक्ष धराशायी हो गए। एक दर्जन पुराने पुलिस आवासों के छप्पर उड़ गए, बिजली के तार टूट गए और विशाल वृक्षों के नीचे पुलिसकर्मियों के करीब दर्जन भर वाहन और कुछ सरकारी आवास दबकर क्षतिग्रस्त हो गए।
एसपी ऑफिस, महिला थाने के सामने विशाल पेड़ सड़क पर गिरने से पुलिस लाइन का मुख्य रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। हवा का वबंडर शांत होने के बाद धराशायी पेड़ों की कटाई-छंटाई कर हटाने का काम शुरू कर दिया गया लेकिन हालात गुरुवार शाम तक सामान्य न हो पाने के आसार नजर आ रहे हैं। वहीं आंधी-तूफान के कारण हुए नुकसान का मुआयना लेने पहुंचे एएसपी रामेश्वर ङ्क्षसह, डीएसपी ट्रैफिक संजय खरे और आरआई रंजीत सिंह सिकरवार ने पूरी पुलिस लाइन में भ्रमण किया।
बाल-बाल बचे वाहन चालक
तेज हवा की चपेट में आने से पीली कोठी के सामने पुराना वृक्ष धराशायी हो गया। उधर आईजी ऑफिस के पास भी कुछ पेड़ हवा की चपेट में आने से टूटकर सड़क पर आ गिरे। इस दौरान इन इलाकों में बिजली की लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई। बाद में फीडर बंद कराया गया, जिससे सिविल लाइन के कुछ हिस्सों के साथ ही पुलिस लाइन, गोपालगंज, तहसीली क्षेत्र की बिजली देर रात तक गुल रही।
हवा की रफ्तार देख बढ़ गई थी घबराहट: शाम करीब ६.१५ बजे अचानक हवा की रफ्तार बढ़ गई जिससे वृक्ष एक-एक कर धराशायी होते चले गए। कुछ ही मिनटों में हवा ने एेसा तांडव दिखाया कि पुलिस लाइन में एसपी ऑफिस, महिला थाना, पुलिस अस्पताल व कर्मचारी आवास के आसपास दर्जन भर से ज्यादा पेड़ सड़क-मैदान में आ गिरे।
आवासों के ऊपर से छप्पर ऐसे उड़ गए
धराशायी पेड़ों की चपेट में आने से कुछ कर्मचारी आवास, शैड और कुछ बाइक व अन्य वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस लाइन में पुराने आवासों के छप्परों के टीन हवा में उखड़कर आसपास के मैदानों में जा गिरे। हवा की रफ्तार और आसपास गिरते पेड़ों की चपेट में आ रहे घर और वाहनों को देख पुलिस परिवारों में हड़कंप मच गया। पेड़ों की चपेट में आकर तार टूटने से पुलिस लाइन की बिजली गुल हो गई और पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।
सूचना के बाद पहुंचे बिजलीकर्मी खबर लिखे जाने तक क्षतिग्रस्त तारों की मरम्मत में जुटे हुए हैं।
बिजली बंद, गुस्साए लोग सड़क पर बैठे
सागर. बिजली रात करीब ११ बजे तक नहीं आई तो लोगों का सब्र जवाब दे गया। आने पर आधा सैकड़ा लोगों ने तीन मडिय़ा स्थित बिजली कंपनी कार्यालय के सामने चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी, लेकिन वे नहीं मानें। खबर लिखे जाने तक लोगों का प्रदर्शन जारी था।
इधर, टॉर्च की रोशनी में घायलों को लगाने पड़े टांके
सागर. बिजली गुल होने से जिला अस्तपाल में मरीजों का टॉर्च की रोशनी में इलाज किया गया। करीब एक घंटे तक मरीज परेशान होते रहे। इसी दौरान एंबुलेंस से कई घायल उपचार कराने ट्रामा यूनिट पहुंचे, जहां अंधेरा होने के कारण डॉक्टरों ने टॉर्च की रोशनी से घायलों का उपचार किया। मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने बताया कि यह पहली बार नहीं हुआ है। ड्यूटी के दौरान बीते तीन दिन में रात को बिजली कई बार गुल हुई थी। एेसे में मरीजों का उपचार करना मुश्किल हो रहा था।
ट्रामा यूनिट में बिजली व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विकल्प के तौर पर जनरेटर से कनेक्ट नहीं किया गया है। ऐसे में बिजली गुल होने पर अंधेरा पसर जाता है।
हालांकि इस मामले की जानकारी डॉक्टरों के माध्यम से प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. इंद्राज सिंह को लगी तो उन्होंने दूसरे दिन ट्रामा यूनिट में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था बनवा दी है।

- डॉ. डीके गोस्वामी ने बताया कि ट्रामा यूनिट में बिजली का कनेक्शन जनरेटर से कर दिया गया है। इससे अब मरीजों को कोई परेशानी नहीं होगी।

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