आज से सड़कों पर नहीं दौड़ेंगे ट्रक, अनिश्चितकालीन हड़ताल

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस का आह्वान

By: manish Dubesy

Updated: 20 Jul 2018, 04:12 PM IST

सागर. ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर सागर ट्रक ट्रांसपोर्ट मालिक एसोसिएशन सहित अन्य संगठनों ने २० जुलाई से ट्रक न चलाने का निर्णय लिया है। गुरुवार को ट्रांसपोर्ट संचालकों की बैठक भी हुई, जिसमें हड़ताल की रणनीति बनाई गई।
अब मांगों को लेकर शुक्रवार को ट्रक ट्रांसपोर्ट मालिक प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपेंगे। १८ जुलाई से ट्रक मालिक व ट्रांसपोर्ट संचालकों ने लंबी दूरी के माल परिवहन की बुकिंग भी बंद कर दी थी। २० जुलाई को सुबह ६ बजे से ट्रकों के पहिए थम जाएंगे। इस अनिश्चितकालीन हड़ताल में दूध, सब्जी, फल, दवाई, सिलेण्डर जैसी आवश्यक वस्तुओं का परिवहन बाधित नहीं होगा। ट्रक संचालकों ने बताया कि यह हड़ताल मांगें पूरी न होने तक जारी रहेगी। सागर ट्रक-ट्रांसपोर्ट मालिक एसोसिएशन के नरेंद्र पाल सिंह दुग्गल ने बताया कि ट्रक संचालकों की कुछ स्थानीय समस्याएं भी हंै, जिसमें कैंट बैरियर का ठेका समाप्त करने, सागर में उच्च न्यायालय की खण्ड पीठ बनाए जाने समेत जल्द ही ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना कर माल गोदाम को वहां शिफ्त किए जाने की मांग शामिल है।

इसे कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की तेजी कहें या कि ऑयल कंपनियों की मनमानी लेकिन सच्चाई यह है कि पिछले छह माह में ट्रक भाड़े से ज्यादा डीजल के रेट बढ़ गए हैं। जनवरी से लेकर अब तक डीजल करीब 23 फीसदी महंगा हो गया है। इससे ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री मुश्किल के दौर से गुजर रही है। इसी मुद्दे को लेकर अब देशभर के ट्रांसपोर्टर 20 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। ट्रक संचालकों ने बुधवार से लंबी दूरी के माल की बुकिंग लेना बंद कर दिया। गुरुवार से ट्रांसपोर्टर कम दूरी का माल भी परिवहन नहीं करेंगे।

आवश्यक वस्तुओं हड़ताल से दूर रखीं
बुधवार को रात में ट्रक व ट्रांसपोर्ट संचालकों ने बैठक कर हड़ताल की रूपरेखा बनाई। ट्रक एसोसिएशन के प्रवक्ता नीरज जैन ने बताया कि २० जुलाई को सुबह ६ बजे से ट्रकों के पहिए थम जाएंगे। हांलाकि दूध, सब्जी, फल, दवाई, सिलेण्डर जैसी आवश्यक वस्तुओं का हड़ताल से दूर रखा गया है। ट्रक संचालकों ने बताया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तब क हड़ताल जारी रहेगी।
यह हैं ट्रांसपोटर्स की प्रमुख मांगें
- डीजल की कीमत कम की जाए।
- राष्ट्रीय स्तर पर समान मूल्य लागू हो।
- टोल बैरियर मुक्त सड़कें हों।
- थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम में कमी।
- ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से टीडीएस खत्म हो।
- बस और पर्यटन वाहनों के लिए नेशनल परमिट और देश के १९ बंदरगाहों पर कंजेशन खत्म किया जाए।
फैक्ट फाइल
24 सौ कमर्शियल वाहन हैं सागर जिले में
04 सौ से अधिक ट्रकों से प्रतिदिन परिवहन
40 करोड़ का परिवहन रोज होगा प्रभावित

लगातार बढ़ रहे क्रूड आयल के दामों का असर ट्रांसपार्टर पर पड़ा है। वे इसके लिए कुछ मांगे सरकार के सामने रख सकते हैं। इस लिए वे हड़ताल को मजबूर हो रहे हैं। यह भी संभव है कि इससे कई चीजों के दामों में इजाफा हो। तय है महंगाई में अब और बढ़ोतरी हो सकती है।

manish Dubesy Desk
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