लाखों रुपए खर्च कर फिर से चमकाया था सब्जी मंडी को, नहीं ​की गई शिफ्ट, होने लगी तोड़फोड़

अतिक्रमण कर जमा लिया डेरा

By: sachendra tiwari

Published: 17 Oct 2020, 09:07 PM IST

बीना. नई सब्जी मंडी में फल, सब्जी की दुकानें की शिफ्ट कराने के लिए तत्कालीन एसडीएम ने प्रयास किए थे और मंडी के शेडों में अतिक्रमण करने वालों को भी वहां से हटाया गया था। साथ ही मंडी लाखों रुपए खर्च कर शेडों की पुताई, मवेशियों अंदर जाने से रोकने के लिए एंगल, जाली से फेंसिंग भी कराई थी, लेकिन मंडी शिफ्ट न होने के कारण फिर मंडी पुरानी स्थिति में पहुंच गए है।
तत्कालीन एसडीएम केएल मीणा ने जनवरी में शहर का अतिक्रमण हटाने के बाद मंडी में दुकानें शिफ्ट करने की तैयारी शुरू कराई थी। इसके लिए मंडी के शेडों पर जिन लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था उन्हें हटवाया गया था। मंडी को सुरक्षित करने के लिए जाली लगवाकर गेट भी लगवाए गए थे और समतलीकरण कराया गया था। यह कार्य जनवरी में पूरा हो गया था, लेकिन फरवरी और मार्च में शिफ्ंिटग नहीं हो पाई और फिर लॉकडाउन लग गया। इन सभी कार्यों पर लाखों रुपए खर्च किए गए, लेकिन उसका उद्देश्य पूरा नहीं हो पाया है। आज मंडी फिर पुरानी स्थिति में पहुंच गई हैं, यहां असामाजिक तत्वों ने जाली तोड़ दी हैं और एंगल उखाड़ कर फेंक दिए हैं जो कुछ दिनों में कबाड़ में बेच दिए जाएंगे। साथ ही मंडी के शेडों में फिर से कुछ लोगों ने कब्जा जमाकर रहना शुरू कर दिया है। इसके बाद नपा कर्मचारियों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। क्योंकि जब मंडी बनी थी तब भी वहां गेट लगाए गए थे और फेंसिंग हुई थी जिसका कुछ महीनों बाद पता नहीं चला था।
शुरू से ही खाली पड़ी है मंडी
मंडी बने कई वर्ष हो चुके हैं, लेकिन वहां दुकानें शिफ्ट नहीं हो पाईं। क्योंकि वहां दुकानदार जाने के लिए ही तैयार नहीं होते हैं, जिससे अभी तक के सभी प्रयास विफल ही हुए हैं। जबकि यहां के शेड तक कुछ वर्षों पूर्व सब्जी व्यापारियों के लिए आवंटित किए जा चुके हैं।
सुबह होती है नीलामी
मंडी शेड में सिर्फ सुबह बाहर से आने वाले किसानों की सब्जी नीलाम होती है। इसके बाद वहां फुटकर दुकानें कभी नहीं लगाई गई हैं। दुकानदारों की सुविधा के लिए बनाई गई मंडी सूनी पड़ी है।
लीज पर ली है जमीन
यह जमीन नगरपालिका ने लीज पर ली है और 30 वर्ष तक इसका अनुबंध है। इसका किराया भी नपा द्वारा जमीन मालिक को दिया जाता है। करीब दस वर्ष पहले यहां मंडी का निर्माण हुआ था और तभी से मंडी खाली पड़ी है।
सड़कों के बाजू से लग रही दुकानें
शहर में सब्जी और फल विक्रेताओं द्वारा सड़क के बाजू से मुख्य चौराहा, तिराहों पर दुकानें लगाई जा रही हैं, जिससे यातायात वाधित होता है। साथ ही सौंदर्यकरण भी नहीं हो पा रहा है। बड़ी बजरिया, सर्वोदय चौराहा, महावीर चौक पर सबसे ज्यादा दुकानें लगाई जाती हैं।
सीएमओ से की है बात
मंडी शिफ्ट करने को लेकर सीएमओ से बात की है। जल्द ही इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। मंडी में तोडफ़ोड़ न हो इसके लिए नपा कर्मचारियों को निर्देशित किया जाएगा।
अमृता गर्ग, एसडीएम, बीना

sachendra tiwari Reporting
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