बेटी की शादी जैसी हो भगवान की पूजा

बेटी की शादी जैसी हो भगवान की पूजा

बीना. वीरसावरकर वार्ड में भगवान विश्वकर्मा महापुराण कथा का आयोजन किया चल रहा था, जिसका समापन गुरुवार को हुआ। कथा वाचक पं. लक्ष्मण शास्त्री ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा कैसे करें व पूजा करने का क्या लाभ है यह बताया।
उन्होंने कहा कि बेटी की शादी जिस प्रकार की जाती है उसी प्रकार भगवान की पूजा भी की जानी चाहिए। यज्ञ एक ऐसी भट्टी है, जिसमें मानव के कुसंस्कार दूर हो जाते हैं और संस्कार उभर के आते हैं। मन, वचन, वाणी के लिए तीन बार शुद्धिकरण किया जाता है। अखंड ब्रह्मांड के रूप में दीपक की स्थापना की जाती है। खीर से जो विश्वकर्मा भगवान की पूजा करता है उसके पास अनाज की वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि एक आदमी हर कार्य संपन्न नहीं कर सकता है। जिस देवता की पूजा हम करते हैं उसी देवता जैसा बनने की कोशिश करनी चाहिए और दान देने की प्रवृत्ति हर इंसान में होना चाहिए। इस अवसर पर श्रद्धालु उपस्थित थे।

manish Dubesy Desk
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