दो टंकी बनने के बाद भी पानी को परेशान ग्रामीण, तरस रहे बूंद—बूंद पानी को

ग्राम देहरी की आदिवासी बस्ती का मामला

By: sachendra tiwari

Published: 01 Jul 2019, 09:30 AM IST

बीना. देहरी की आदिवासी बस्ती के लोगों की पानी की समस्या हल होती नजर नहीं आ रही है। गांव में दो पानी की टंकी होने के बाद भी बस्ती तक लाइन नहीं पहुंच पा रही है, इसके पीछे कारण रेलवे लाइन का होना बताया जा रहा है। लाइन न पहुंचने के कारण लोग बूंद-बूंद पानी को परेशान हो रहे हैं।
आदिवासी बस्ती में करीब साठ घर बने हुए हैं। यहां पानी के लिए लगाए गए हैंडपंप बारिश के कुछ दिनों बाद ही दम तोड़ देते हैं और रेलवे लाइन के दूसरी तरफ बना कुआं भी सूख जाता है, जिससे ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को परेशान होते हैं। अभी यह स्थिति है कि सभी जल स्रोत सूख जाने के बाद ग्रामीण करीब ढाई किलोमीटर दूर एक किसान के खेत से पानी लाने मजबूर हैं। बस्ती के लोग सुबह जल्दी उठकर पहले पानी भरने जाते हैं इसके बाद मजदूरी के लिए। जबकि देहरी गांव की बस्ती में दो पानी की टंकी बन गई हैं और इन टंकियों से पाइप लाइन डालकर पानी बस्ती में भिजवाया जा सकता है, लेकिन रेलवे लाइन के नीचे से पाइप लाइन डालने में पंचायत को परेशानी आ रही है। इसके लिए रेलवे की अनुमति जरूरी है।
तीन रेलवे लाइन करते हैं क्रॉस
आदिवासी बस्ती के लोग तीन रेलवे लाइन क्रॉस कर पानी भरने के लिए जाते हैं। कई बार लाइन क्रॉस करते समय ट्रेन भी आ जाती है, जिससे ग्रामीणों की जान जाने का खतरा बना हुआ है। इसके बाद भी यहां स्थाई हल नहीं निकाला जा रहा है।
दो दिन से नहीं पहुंच पाए टैंकर
पंचायत में पानी परिवहन के लिए कोई बजट नहीं है इसके बाद भी स्वयं के खर्च पर दो माह से टैंकर पहुंचा रहे हैं। दो दिन से टैंकर नहीं पहुंच पाया है। आदिवासी बस्ती में पानी की समस्या का स्थाई समाधान करने के लिए जिला पंचायत सीईओ सहित अन्य अधिकारियों को पत्र भी लिख चुके हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकला। साथ ही पाइप लाइन डालने के लिए रेलवे की अनुमति जरूरी है।
नरेन्द्र सिंह, सरपंच, देहरी

sachendra tiwari Reporting
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