संरक्षण के लिए झील में उतरे जल रक्षक तो कचरे में दबी एक सीढ़ी निकली

शहर के अलग-अलग हिस्सों से लोग घाट पर पहुंचकर श्रमदान कर रहे हैं

By: manish Dubesy

Published: 16 May 2018, 04:51 PM IST

सागर. जल सहेजने के लिए मंगलवार को पत्रिका के आह्वान पर शहर के 'जलदूतÓ फिर झील में उतरे। अमृतं जलमï् अभियान के तहत लोगों ने श्रमदान करते हुए झील के बरियाघाट पर साफ-सफाई की।
महाअभियान में रोजाना कारवां बढ़ता जा रहा है। शहर के अलग-अलग हिस्सों से लोग घाट पर पहुंचकर श्रमदान कर रहे हैं। मंगलवार को श्रमदान के दौरान लोगों में उत्साह नजर आया। सुबह ७.३० बजे श्रमदानी घाट पर पहुंच गए थे। करीब दो घंटे चले श्रमदान में लोगों ने घाट से कचरा निकला और फिर नगर निगम के सहयोग से उसे बाहर फिंकवाया गया। अंत में लोगों ने जल संरक्षण की शपथ ली। बुधवार को भी घाट पर श्रमदान का कार्य जारी रहेगा।
भट्टो घाट साफ होता नजर आ रहा है। पत्रिका के अमृतम् जलम् अभियान के तीसरे दिन अनेक लोगों ने भट्टो घाट पर पहुंचकर श्रमदान किया। शहर के अलग-अलग स्थानों से युवा, महिलाएं व बुजुर्ग पहुंचे। उन्होंने उत्साह के बीच घाट से गंदगी-कचरा बाहर निकाला। कोई फावड़ा थामे था, तो कोई तसले में कचरा भरकर बाहर कर रहा था। श्रमदान करने पहुंचे लोगों ने सफाई के साथ ही जल संरक्षण की शपथ ली। संकल्प लिया कि जल संरक्षण के लिए लोगों को भी जागरूक करेंगे।
इन्होंने किया श्रमदान
पूर्व विधायक गोविंद सिंह राजपूत, अजय छाबड़ा, रोहित तिवारी, नीलेश सिंह , नितिन पचौरी, होमगार्ड टीआई संतोष शर्मा, अमित दुबे, मनीष दुबे, पार्षद सीताराम पचकौड़ी, धर्णेंद्र जैन, हवलदार अनुदेशक मुन्नालाल, प्लाटून कमांडर संजय गौर, मुन्नाला विश्वकर्मा, प्रभा देवी और विद्या सोनी।

अमृतं जलम् अभियान में शहर के हर वर्ग के लोगों के आने का सिलसिला जारी है। लोगों ने कहा है कि हर घाट की साफ सफाई होना चाहिए। साथ ही मंदिर के पुजारी व भक्तों का दायित्व है कि वे घाट पर किसी कीमत पर गंदगी न होने दें। एेसी सीख िकसी को न दें जिसमें तालाब में किसी भी प्रकार की सामग्री डाली जाए। हो सकता है यह सामग्री भक्त के फायदे के लिए हो लेकिन इससे तालाब को तो नुकसान होता ही है।

 

manish Dubesy Desk
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