scriptये कैसी इंजीनियरिंग, एक पुलिया में उलझे इंजीनियर, दो हिस्सों में बनवाई और फिर तोड़ी | Patrika News
सागर

ये कैसी इंजीनियरिंग, एक पुलिया में उलझे इंजीनियर, दो हिस्सों में बनवाई और फिर तोड़ी

इसीलिए बरसात में भरता है शहर में कई जगह पानी, निर्माण के समय नहीं दिया जाता ध्यान, काम होने के बाद याद आती ध्यान

सागरJun 23, 2024 / 12:44 pm

sachendra tiwari

What kind of engineering is this, engineers entangled in a culvert

पुलिया तोड़ने के बाद सहायक यंत्री, उपयंत्री

बीना. नगर पालिका द्वारा शहर में कमाल की इंजीनियरिंग की जा रही है, एक पुलिया को ही बार-बार बनाकर तोड़ा जा रहा है। ऐसा ही एक उदाहरण है खिरिया वार्ड में बनने वाली पुलिया का। एक वर्ष पहले यहां पुलिया बनाई गई थी, जो ठीक न होने पर उसके आगे कुछ हिस्सा फिर से बनवाया गया था। इसके बाद भी जब पानी निकासी नहीं हुई, तो दोनों हिस्सों को तोड़कर अब नए सिरे से पुलिया बनाई जानी है। जब यह निर्माण हो रहा था, तब किसी ने ध्यान नहीं दिया।
जानकारी के अनुसार खिरिया वार्ड में जल भराव की समस्या दूर करने के लिए नगर पालिका ने पिछले वर्ष पुलिया तैयार कराई थी, जो दस फीट गहरी और करीब दस फीट चौड़ी थी। इस पुलिया का निर्माण नपा उपयंत्री सहित अन्य अधिकारियों की निगरानी में हुआ था, लेकिन पानी निकासी नहीं हुई। इसके बाद करीब 68 लाख रुपए से यहां नाले का निर्माण हो रहा है और यह पुलिया इस नाले के बीच में आ रही है। नया टेंडर लेकर काम करने वाले ठेकेदार ने पुलिया के आगे करीब पांच फीट नया हिस्सा बनाया था, लेकिन फिर भी पानी निकासी नहीं हुई और फिर दोनों हिस्सों को तोड़ दिया गया है। अब फिर नए सिरे से पुलिया का निर्माण होना है और लोगों को उम्मीद है कि सभी प्रयोग होने के बाद पानी निकासी हो जाएगी।
एस्टीमेट बढ़ाने कहा था अधिकारियों से
खिरिया वार्ड पार्षद पूनम राजपूत ने बताया कि पिछले वर्ष जब पुलिया का निर्माण हो रहा था, तो अधिकारियों से पुलिया का एस्टीमेट बढ़ाकर लंबाई बढ़ाने के लिए कहा था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया और ठेकेदार अधूरी पुलिया छोड़कर भाग गया था। यदि उसी समय अच्छे से काम किया गया होता, तो उसे तोड़कर नए तरीके से नहीं बनाना पड़ता।
नजूल आरआइ नहीं पहुंच रहे जांच करने
नाले की जगह पर अतिक्रमण होने से सही तरीके से निर्माण नहीं हो पा रहा है और इसके लिए आरआइ नजूल को कई बार सूचना दी जा चुकी है, लेकिन वह मौके पर जांच करने नहीं पहुंच रहे हैं। अधूरा नाला होने से बारिश में लोगों को मुसीबत होगी। इस संबंध में तहसीलदार सुनील शर्मा ने बताया कि जल्द से जल्द समस्या हल कराई जाएगी।
ढाल सही न होने पर तुड़वाई है पुलिया
ठेकेदार द्वारा पुलिया का ढाल सही नहीं बनाया गया था, इसलिए उसे तुड़वाकर फिर बनवाया जा रहा है। इसमें ठेकेदार की लापरवाही है।
अविनाश रावत, सहायक यंत्री, नगर पालिका

Hindi News/ Sagar / ये कैसी इंजीनियरिंग, एक पुलिया में उलझे इंजीनियर, दो हिस्सों में बनवाई और फिर तोड़ी

ट्रेंडिंग वीडियो