ओपन कैप में रखा गेहूं बारिश में सड़ा, आने लगी है दुर्गंध, अधिकारियों की लापरवाही आए सामने

करमपुर गांव में रखा गया था गेहूं

By: sachendra tiwari

Published: 17 Sep 2020, 09:15 AM IST

बीना. समर्थन मूल्य पर समितियों से गेहूं की खरीदी तो हर साल कराई जाती है, लेकिन भंडारण की सही व्यवस्था न होने के कारण हजारों क्ंिवटल गेहूं सड़ जाता है। करमपुर गांव में भी गेहंू का भंडारण ओपन कैप में किया गया था, जहां बारिश का पानी लगने से करीब एक हजार क्ंिवटल गेहूं इस स्थिति में पहुंच गया है कि मवेशी भी नहीं खाएंगे।
करमपुर में खाली जगह में सीमेंट के चबूतरे बनाकर उसपर बोरियां रखी गईं थी और बरसाती से उन्हें ढंका गया था। बोरियों को सही तरीके से कबर्ड न करने के कारण बारिश का पानी अंदर तक पहुंच गया और गेहूं पूरी तरह से सड़ चुका है और तेज दुर्गंध आने लगी है। बोरियों में रखा गेहूं काला पड़ चुका है और कीड़े हो गए हैं। सड़ा हुआ गेहूूं चबूतरों पर पड़ा हुआ है। यहीं से गेहूं की सप्लाई अन्य जगहों पर की जा रही है जो राशन दुकानों पर वितरित किया जाएगा और गरीब की थाली में यह खराब गेहूं पहुंचेगा। यदि अधिकारियों ने बारिश के समय यहां ध्यान दिया होता तो गेहूं इस स्थिति में नहीं पहुंच पाता।
खराब गेहूं को मिला रहे अच्छे गेहूं में
जो गेहूं थोड़ा कम खराब हुआ है उसे अच्छे गेहूं में मिलाकर बोरियां भरने का काम भी वहां चल रहा है, जिससे गेहूं की सप्लाई की जा सके। कई क्ंिवटल गेहूं इस तरह से मिलाकर बोरियां में भरा जा रहा है। इस संबंध में वहां मौजूद कर्मचारी का कहना था कि यह गेहूं राशन दुकानों पर नहीं भेजा जाएगा, यह नीलाम होगा।
बोरियां फटने से बाहर फैला है गेहूं
बारिश में तो गेहूं खराब हुआ ही है साथ ही बोरियां फट जाने के कारण अच्छा गेहूं भी फैल गया है। यही गेहूं बोरियां में भरकर पैक कर दिया जाएगा, जिसमें कचरा भी साथ में मिलकर चला जाएगा।
बेच दिया है खराब गेहूं
जो गेहंू ओपन कैप में खराब हुआ है उसे एक हजार रुपए क्ंिवटल में बेच दिया गया है। बारिश में पानी लगने के कारण गेहूं खराब हुआ है।
संजय सिंह, जिला प्रबंधक, नान

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